इलाज कराने लाए कैदी को पुलिस ने जंजीरों से जकड़कर स्ट्रेचर से बांधकर छोड़ा, तड़पता रहा कैदी
शाहजहांपुर। यूपी के शाहजहांपुर में एक घटना सामने आई है जहां पुलिस ने एक कैदी को जंजीरों से बांधकर अस्पताल में इलाज करवाया गया। इतना ही नहीं मरीज दर्द से तड़प रहा लेकिन उसके पास खड़े होने के बजाए पुलिस कैदी को बेड़ियों में बांधकर जंजीर को स्ट्रेचर में ताला डाल दिया ताकि कैदी कहीं भाग न सके। उसके बाद खुद जेल कर्मी अस्पताल में घूम रहे थे। फिलहाल इस मामले पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मुंह खोलने को राजी नहीं है।

दरअसल जेल मे खुशनूद नाम का कैदी काफी लंबे वक्त से बिमार चल रहा था। उसका अस्पताल में इलाज कराया गया लेकिन उसको फायदा नहीं हुआ। उसके बाद कैदी को जेल कर्मी के सुपुर्दगी मे जिला अस्पताल भेजा गया। जहां कैदी न भागे और उसका अच्छे से इलाज किया जा सके। लेकिन अस्पताल के ट्रामा सेंटर मे पुलिसकर्मी का कुछ और ही चेहरा सामने आया। यहां कैदी को स्ट्रेचर पर लिटाया तो गया। लेकिन उसके बाद उस कैदी के साथ खुंखार अपराधियों जैसा सलूक भी किया गया।

कैदी दर्द से तड़प रहा था और साथ में आया जेल कर्मी उसको जंजीरों से बांध रहा था। ऐसा इसलिए किया गया कि कहीं कैदी भाग न जाए। लेकिन ट्रामा सेंटर मे मौजूद सभी लोग ये नहीं समझ पा रहे थे कि अगर कैदी के साथ जेल कर्मी आया है तो उसे जंजीरो से बांधने की नौबत क्यों आ गई। जेल से आया सुरक्षाकर्मी कैदी को जंजीरो से बांधने के बाद अस्पताल में घूमता रहा और कैदी दर्द से तड़पता रहा। वहीं इस शर्मनाक करतूत में डॉक्टर भी कम जिम्मेदार नहीं है। क्योंकि ये सब ट्रामा सेंटर में हुआ। कैदी को जंजीरो से बांधने का विरोध डॉक्टर को करना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

डॉक्टर अनुराग पाराशर का कहना है कि कैदी को भर्ती किया गया है उसका इलाज शुरू कर दिया गया है। हालांकि जंजीरों से बांधने के सवाल पर कुछ नहीं बोले। वहीं पुलिस का जिम्मेदार कोई भी अधिकारी इस मामले पर बोलने को राजी नही है।
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