Umesh Pal Murder: UP में दिनदहाड़े हुई हत्या से BJP नेता के भाई का नाम जुड़ा! चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं
बसपा विधायक हत्याकांड के 18 साल बाद मुख्य गवाह उमेश पाल की दिनदहाड़े हत्या हो गई। इस मामले से अब भाजपा नेता के भाई का नाम जुड़ने की बात सामने आई है। यूपी पुलिस की जांच में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

Umesh Pal Murder: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में दिनदहाड़े हुई हत्या से हड़कंप मच गया। 18 साल पुराने हत्याकांड में मुख्य गवाह रहे उमेश पाल की गोली और बम मारकर हत्या कर दी। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही थी। अब उमेश पाल हत्याकांड के तार भाजपा नेता के भाई से जुड़ने की खबरें सामने आई हैं। मामला हाईप्रोफाइल बनने की आशंका है। यूपी पुलिस की जांच में अहम खुलासे होने के आसार हैं।
बीजेपी ने आरोपी को बाहर निकाला!
उमेश पाल हत्याकांड पर टीवी9 की रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के महानगर अध्य्क्ष राहिल हसन के भाई गुलाम हसन का नाम इस मामले से जुड़ रहा है। नामजद आरोपियों में गुलाम हसन का नाम भी है। ऐसे में यूपी पुलिस हर एंगल से तफ्तीश कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हत्याकांड से गुलाम हसन के जुड़े होने की खबर सामने आते ही भाजपा जिलाध्यक्ष गणेश केसरवानी ने गुलाम हसन को पार्टी से बाहर निकाल दिया है।
किन कानूनों के तहत दर्ज हुआ मामला
खबर के अनुसार उमेश पाल की पत्नी जया पाल की शिकायत पर प्रयागराज के धूमनगंज थाने में माफिया अतीक अहमद, अतीक के भाई अशरफ और उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन, अशरफ के दो बेटों, बेटों के दोस्त- गुड्डू मुस्लिम और गुलाम समेत नौ अन्य लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस के अनुसार आरोप भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के साथ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 और आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 1932 की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
माफिया के खिलाफ किडनैपिंग केस, गवाही के बाद मर्डर!
मृतक उमेश पाल की पत्नी जया का आरोप है कि 18 साल पहले बसपा विधायक राजू पाल की हत्या हुई थी। इस कांड के चश्मदीद गवाह उमेश पाल से करीब 16 साल पहले जबरन कोर्ट में गवाही कराई गई। जया का कहना है कि किडनैपिंग 2006 में पूर्व सांसद अतीक अहमद और उनके साथियों ने की। बकौल जया, पति के अपहरण का मुकदमा भी कोर्ट में लंबित था। 24 फरवरी को इसी केस की सुनवाई होनी थी। सुनवाई के लिए उमेश अपने भतीजे की कार से दोनों सुरक्षाकर्मियों के साथ अदालत गए थे। जया ने पुलिस को जो बयान दिया है, उसके अनुसार 24 फरवरी को कोर्ट से वापस लौटते समय उमेश पाल और सुरक्षाकर्मियों पर अतीक के बेटे, गुड्डू मुस्लिम, गुलाम और नौ साथियों ने मिलकर हमला किया।
पुलिस महानिदेशक का आश्वासन
इसी बीच उत्तर प्रदेश पुलिस ने रविवार को उमेश पाल हत्याकांड में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच के लिए कई टीमों को लगाया गया है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डीएस चौहान ने कहा, "हत्या की जांच चल रही है और कई टीमें इस पर काम कर रही हैं। मुझे यकीन है कि हमारे जवानों और अधिकारियों की मेहनत इस मामले को अंतिम निष्कर्ष तक ले जाएगी।"
आधा दर्जन से अधिक लोगों हिरासत में
डीजीपी ने कहा, "हम सभी तरह के सबूत इकट्ठा कर रहे हैं और हत्या के मामले में शामिल लोग सलाखों के पीछे होंगे और केस जल्द ही क्लोज कर दिया जाएगा।" प्रयागराज पुलिस के मुताबिक उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें गैंगस्टर अतीक अहमद के दो बेटे भी शामिल हैं।
कैसे हुई दिनदहाड़े हत्या
बता दें कि उमेश पाल की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों में से एक की भी मौत हो गई और एक अन्य अभी भी घायल है। पुलिस आयुक्त (सीपी), प्रयागराज रमित शर्मा ने शनिवार को बताया था कि 24 फरवरी को प्रयागराज के सुलेम सराय इलाके में हुई गोलीबारी में कई मामलों के मुख्य गवाह उमेश पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उमेश और सुरक्षा में लगे बंदूकधारियों पर कई राउंड फायरिंग की गई। देसी बम भी फेंके गए।
कानून व्यवस्था के लिए चुनौती
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने रविवार को उमेश पाल के परिवार से मुलाकात की और उन्हें पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, 'यह घटना पूरे राज्य की कानून व्यवस्था के लिए एक चुनौती है।'
CM के तेवर और भाजपा का जवाब
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राज्य विधानसभा में अपराधियों को मिट्टी में मिलाने के बयान के बारे में पूछे जाने पर, सिद्धार्थ नाथ ने कहा, "हमें इस मामले को पुलिस पर छोड़ देना चाहिए। पुलिस के अपने तरीके हैं। पुलिस अपना काम कर रही है।"
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पीड़ित पक्ष की मांग, सरकार की कार्रवाई पर संतोष
उन्होंने कहा, ''उमेश पाल की पत्नी ने भी सरकार की कार्रवाई पर भरोसा जताया है और योगी आदित्यनाथ से मिलने की इच्छा भी जताई है। पत्नी ने बताया कि उन्हें अब भी अपराधियों से धमकियां मिल रही हैं।'' समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, उमेश पाल की पत्नी ने कहा, 'हम असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सरकार को हमारे परिवार को सुरक्षा देनी चाहिए और योगी आदित्यनाथ से मिलने की व्यवस्था करनी चाहिए।' पीड़िता की मां शांति देवी ने कहा, 'हम पहले भी डरते थे और आज भी डरते हैं।' सरकार की कार्रवाई पर संतोष जताते हुए उन्होंने कहा, 'मैं योगी आदित्यनाथ से मिलना चाहती हूं।'












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