Prayagraj Magh Mela 2023: 6 जनवरी से शुरू होगा माघ मेला, जानिए सरकार की क्या है तैयारियां
Prayagraj Magh Mela 2023 को लेकर सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। 6 जनवरी से इस बार 44 दिनों तक चलने वाले माघ मेले की शुरूआत होगी। इसको लेकर सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है।

Prayagraj Magh Mela 2023 : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में संगम के तट पर एक तरफ जहां 6 जनवरी तक पारा और गिरने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर देश के सबसे बड़े वार्षिक धार्मिक समागम - माघ मेले के लिए श्रद्धालु इक्कठा होंगे। यूपी में 44 दिवसीय माघ मेले में करीब सात करोड़ से अधिक तीर्थयात्रियों के आने का अनुमान सरकार ने लगाया है। दरअसल यह मेला हिंदुओं के लिए सबसे बड़े वार्षिक धार्मिक आयोजनों में से एक है। इस मेले में संतों के अलावा देश भर के श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगता है। इसको लेकर सरकार किसी तरह की तैयारी में चूकना नहीं चाहती है।
मेले के सफल आयोजन के लिए सरकार ने दिया है 78 करोड़ रुपये बजट
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उत्थान ज्योतिष संस्थान, प्रयागराज के निदेशक पं दिवाकर त्रिपाठी ने कहा, "6 जनवरी को पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व के साथ माघ मेले की शुरुआत होगी।" आगामी महाकुंभ-2025 की दृष्टि को ध्यान में रखते हुए संगम तट पर 44 दिवसीय मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें दुनिया भर के पर्यटक आते हैं। 78 करोड़ के बजट में आयोजित होने वाले इस वार्षिक मेले में पांच पंटून पुलों के साथ एक टेंट सिटी दिखाई देगी। इसमें 1000 किमी चकर्ड प्लेट वाली सड़कें और 5,000 पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
मेला क्षेत्र को ओडीएफ फ्री करने की कोशिश
यहां कुंभ-2019 में लागू की गई स्वच्छता व्यवस्था से सीख लेते हुए इस बार पूरे मेला क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने की व्यापक योजना बनाई गई है। माघ मेला अधिकारी व प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सीईओ अरविंद सिंह चौहान ने कहा कि मेले को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) और प्लास्टिक मुक्त रखा जाएगा। माघ मेला के स्वच्छता प्रभारी डॉ. आनंद सिंह ने बताया कि मेला क्षेत्र को ओडीएफ रखने के लिए 17400 शौचालय बनाए जा रहे हैं।
माघ मेले में बनाए जा रहे 10 हजार टेंट शौचालय
अधिकारियों ने कहा कि यहां 1,400 फाइबर-प्रबलित प्लास्टिक शौचालय स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, पार्किंग क्षेत्र में 10,000 टेंट शौचालय और 3,000 कनात शौचालय भी स्थापित किए जाएंगे। मेले में भाग लेने वाले प्रमुख धार्मिक और अन्य संगठनों के शिविरों में और 1,600 शौचालय बनाए जाने हैं। माघ मेला क्षेत्र में एक एसटीपी भी बनाया गया है। मेले की सफाई व्यवस्था 2,160 सफाई कर्मचारियों के हाथों में होगी।
मेले में बनेगा 500 बिस्तरों वाला छात्रावास
अधिकारियों ने नि:शुल्क कपड़े के थैले बांटने के अलावा मेला क्षेत्र में लगाई जा रही एलसीडी स्क्रीन पर स्वच्छ भारत मिशन अभियान से संबंधित संदेश देने की योजना बनाई है। मंडल आयुक्त विजय विश्वास पंत के मुताबिक, तीर्थयात्रियों और आगंतुकों को समान रूप से सर्वोत्तम सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से मेले में 500 बिस्तरों की छात्रावास का भी निर्माण किया जाएगा। पहली बार मेले के दौरान पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।












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