39 साल के बाद पीएम मोदी पूरा करने जा रहे हैं यूपी का एक अधूरा सपना
मिर्जापुर। मिर्जापुर और इलाहाबाद जिले के डेढ़ लाख हेक्टेयर की सिंचाई करने वाली बहुप्रतीक्षित 32 अरब की लागत वाली बाणसागर परियोजना को पूरा होने में करीब 39 वर्ष का समय लग गया। अब इस परियोजना के लोकार्पण का मुहुर्त निकल आया है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 जुलाई को परियोजना का लोकार्पण करने के लिए मिर्जापुर आने वाले हैं। इस दौरान पीएम की ओर से चुनार में गंगा नदी पर बने पक्का पुल का भी लोकार्पण करने का अनुमान लगाया जा रहा है। साथ ही जिला मुख्यालय के पिपराडाड में मेडिकन कालेज की नींव रख सकते हैं।

परियोजना को पूरा होने में लगा 39 वर्षों का समय
बहुप्रतीक्षित बाणसागर परियोजना को पूरा होने में लगभग 39 वर्ष का समय लग गए। बीच-बीच में केन्द्र और प्रदेश में बनने वाली सरकारों की ओर से परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए बजट का रोडा अटकाया जाता रहा। इसलिए इतना समय लग गया। केन्द्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद से परियोजना को पूर्ण करने के लिए नियमित बजट दिया गया। यदि सरकार की ओर से इसे गंभीरता से न लिया गया होता तो शायद यह स्थिति कभी भी सामने न आने पाती। विभागीय अधिकारी भी परियोजना का पीएम के हाथों लोकार्पण होने को लेकर खुश हैं।

तीन राज्यों की संयुक्त सिंचाई परियोजना है बाणसागर
तीन राज्यों की संयुक्त सिंचाई परियोजना बाणसागर है। 39 वर्ष पहले एमपी, बिहार और यूपी के सिंचाई को लेकर परियोजना का आधार तैयार किया गया। इसमें तय किया गया कि परियोजना का 50 प्रतिशत पानी मध्य प्रदेश सरकार उपयोग करेगी। इसलिए उनको परियोजना की लागत का 50 प्रतिशत धन खर्च करना तय हुआ। परियोजना का 25 प्रतिशत पानी यूपी और इतना ही बिहार को देने पर मसौदा बना। इसलिए दोनों राज्यों को लागत का 25-25 प्रतिशत धन खर्च देय हुआ। इस तरह तीनों राज्यों ने अपना-अपना हिस्सा देकर परियोजना की शुरुआत कर दी। यूपी के हिस्से में पानी आने में सबसे अधिक समय लगा। अब जाकर पीएम के हाथो लोकार्पित होकर परियोजना का पानी किसानों के खेतों में पहुंचेगा। इससे किसानों की आर्थिक समृद्धि बढेगी और किसान खुशहाल होगा।

अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का किया चयन
मंडलायुक्त मुरली मनोहर लाल, आईजी रेंज पीयूष श्रीवास्तव, डीएम अनुराग पटेल और एसपी आशीष तिवारी ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। जिससे एक ही स्थान से तीनों परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया जा सके। इसलिए अधिकारियों तीनों परियोजनाओं के बीच का स्थल तलाश किया, जिससे किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रधानमंत्री दौरे के बाद जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसलिए कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी विधायकों, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ ही पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं को संभावित दौरे की सूचना देकर तैयारी करने का निर्देश दिया गया है।












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