PM Kusum Yojana के नाम पर ठगी, किसान बोले–सरकार ने सपने दिखाए, ज़मीनी हकीकत कुछ और
PM Kusum Yojana: आगरा में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाई जा रही सोलर ऊर्जा योजना अब किसानों की परेशानी का कारण बनती जा रही है। सरकार की महत्वाकांक्षी "प्रधानमंत्री कुसुम योजना" के तहत दिए जा रहे सोलर पंप कई जगह सही तरीके से काम नहीं कर रहे, जिससे किसान त्रस्त हैं।
शनिवार को सदर तहसील में लगे संपूर्ण समाधान दिवस में एक बार फिर एक पीड़ित किसान ने अपना दर्द अधिकारियों के सामने रखा। किसान ने बताया कि शिकायतें करने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। उसका कहना है कि विभाग की अनदेखी से उसकी खेती पर संकट मंडरा रहा है।

किसान ने तीन बार की शिकायत, फिर भी नहीं सुनी आवाज
ग्राम अंगूठी, बिचपुरी के निवासी किसान ऊदल सिंह ने बताया कि उन्होंने "कुसुम योजना" के तहत साढ़े सात हॉर्स पावर का सोलर पंप लगवाया था। लेकिन यह पंप ठीक से काम नहीं कर रहा है और आधा अधूरा काम छोड़ दिया गया है। इससे उन्हें सिंचाई में परेशानी हो रही है।
उन्होंने बताया कि फरवरी और अप्रैल में दो बार तहसील दिवस में शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। हर बार केवल कागजों पर निस्तारण दिखा दिया जाता है। इस बार तीसरी बार जब उन्होंने समाधान दिवस में पहुंचकर फिर से शिकायत की, तब जाकर एडीएम सिटी अनूप कुमार ने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पंप की क्षमता घटाई, घटिया सामान से बना ढांचा
ऊदल सिंह ने बताया कि जिस सोलर पंप की क्षमता साढ़े सात हॉर्स पावर थी, वह सिर्फ पौने पांच हॉर्स पावर का ही लोड ले पा रहा है। जैसे ही लोड बढ़ता है, मशीन बंद हो जाती है। इससे समय पर सिंचाई नहीं हो पा रही।
इसके अलावा पंप का वेशमेंट अब तक नहीं बना है और पानी निकालने के लिए लगाया गया पाइप भी मानकों से छोटा है। प्लेटों को पकड़ने के लिए जो हत्थे लगाए गए हैं, वे भी पुराने और जंग लगे हैं। इससे आंधी-तूफान में प्लेटें गिरने का खतरा बना रहता है।
अन्य शिकायतों में भी दिखी अफसरों की लापरवाही
समाधान दिवस में आए बुजुर्ग रमेश चंद ने भी अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा रखी। उन्होंने बताया कि मीरा विहार कॉलोनी स्थित उनके मकान में किराएदार न तो किराया दे रहा है और न ही मकान खाली कर रहा है।
उनका आरोप है कि किराएदार ने मकान पर कब्जा करने की नीयत बना ली है। रमेश चंद ने मदद की गुहार लगाई, जिस पर एसडीएम सदर सचिन राजपूत ने जांच के निर्देश दिए।
शनिवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 149 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से केवल 12 राजस्व मामलों का निस्तारण मौके पर किया जा सका। बाकी शिकायतों पर केवल आश्वासन दिया गया।
समाधान दिवस में एसडीएम सदर, तहसीलदार मान्धाता प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। लेकिन कई पीड़ितों का आरोप है कि केवल सुनवाई होती है, समाधान नहीं।












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