Pitru Paksha 2025: पितरों के श्राद्ध के लिए जा रहें हैं 'गया' तो जान लें ये बातें, गलती पड़ेगी भारी
Pitru Paksha 2025 Latest News Hindi Uttar Pradesh: पितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध किया जाता है। श्राद्ध के लिए गयाजी सबसे पवित्र स्थान माना जाता है। क्या आप जानते हैं कि गया जाने से पहले घर पर भी विधि विधान से पूजा की जाती है। वन इंडिया हिंदी रिपोर्टर पुनीत श्रीवास्तव ने ज्योतिषाचार्य रितेश कुमार से खास बातचीत की। ज्योतिषाचार्य ने गया जाने से पहले घर पर क्या होता है इसकी विस्तार से जानकारी दी।
सबसे पहले करते हैं यह काम
उन्होंने बताया कि सबसे पहले सिर मुंडवाते हैं। उसके पश्चात स्नान कर नए वस्त्र धारण करते हैं।
पितरों का पिंडदान
उपरोक्त के बाद पंडित के मार्गदर्शन में पितरों का पिंडदान घर पर करते है। यह भी घंटों चलता है।

घर के देवी देवता की पूजा
पिंडदान के पश्चात स्नान कर सर्वप्रथम घर के देवी देवता की पूजा कर उनका आशीर्वाद लेते हैं।
अक्षत लेते हैं
तत्पश्चात खुद के घर का अक्षत लेते हैं। इसके बाद परिवार के अन्य सदस्यों का भी अक्षत और दक्षिण लेते हैं।

देवी देवता का लेते हैं आशीर्वाद
इसके बाद गांव या शहर में स्थित देव स्थान पर स्थित सभी देवी देवताओं का आशीर्वाद लेते हैं।
पूरे गांव की करते हैं परिक्रमा
इसके पश्चात पूरे गांव की परिक्रमा की जाती है। एक एक घर से गया के लिए लोग अक्षत और दक्षिण देते हैं।

ऐसे होती है विदाई
परिक्रमा के दौरान ही लोग धीरे - धीरे गया जाने वाले व्यक्ति के पीछे चलने लगते हैं। भारी संख्या में महिलाएं , बच्चे , पुरुष, बुजुर्ग विदाई देने के लिए गांव की सीमा से बाहर जाते हैं। इस दौरान ढोल नगाड़े बजते हैं।

महराजगंज जिले के घुघली ब्लॉक के गांव मटकोपा के रहने वाले भानु प्रकाश बताते हैं कि मै, मेरी पत्नी और भाई ज्ञान प्रकाश पितरों का श्राद्ध करने के लिए गया जा रहे हैं। इससे पहले घर पर पिंडदान हुआ जिसमें परिवार के सदस्य विनोद कुमार, ओम प्रकाश, चंद्र प्रकाश, संजीव, मनीष, राजीव, शिवरतन, कुणाल रंजन, अमित, गोलू, नीलरतन, शानू, अनुज सहित कई मौजूद रहे। पितरों की शांति के लिए यह बहुत आवश्यक है।












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