बुलंदशहर: कैश नहीं मिलने पर भारी बवाल, जान बचाने की गुहार लगाते रहे बैंक कर्मी
नोटबंदी के बाद हुई मौतों की खबर के बाद अब जगह-जगह से बवाल की खबरें आ रही हैं। कैश संकट से जूझ रहे लोगों का धैर्य जवाब दे रहा है।
बुलंदशहर। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के मंत्री नोटबंदी के फायदे गिनाने में लगी है, वहीं कैश संकट से जूझ रही जनता गुस्से में हिंसक बवाल कर रही है। नोटबंदी के बाद लाइन में लगे लोगों की मौत की खबरों के बाद देश के कई हिस्सों से बवाल की खबरें लगातार आ रही हैं।
खासकर ग्रामीण इलाकों में लोग कैश के संकट से भारी परेशानी में हैं और गुस्से में हमलावर होकर वे बैंकों में तोड़फोड़ रहे हैं और कर्मचारियों के साथ बदसलूकी कर रहे हैं। ऐसा ही एक बवाल बुलंदशहर इलाके में हुआ, जिसकी तस्वीरें हम आपके लिए लेकर आए हैं।

बुलंदशहर के पहासू थाना क्षेत्र इलाके में पलड़ा झाल में लोग कैश के लिए पंजाब नेशनल बैंक की शाखा पर गए तो वहां एक बोर्ड देखा जिसे पढ़कर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उस बोर्ड पर लिखा था, 'नो कैश'।

बैंक में लोग कैश लेने पहुंचे और वहां नो कैश का बोर्ड देखकर बवाल काटने लगे। भीड़ बैंक पर टूट पड़ी। लोग पथराव करने लगे और तोड़फोड़ मचाने लगे। बैंक कर्मचारियों ने शटर बंद कर किसी तरह अपनी जान बचाकर अंदर दुबके रहे।

लोगों ने बैंक के बाहर लगा एटीएम उखाड़ दिया। उसके बाद वे बैंक के मेन गेट पर पत्थर मारने लगे।

लोगों ने बैंक के बाहर रखे कूलर को गिराकर तोड़ दिया। बवाल की सूचना जब पुलिस को मिली तो वह मौके पर पहुंची और लोगों को वहां से हटाया।

पुलिस बैंक का शटर खुलवाकर अंदर गई तो बैंक कर्मचारियों ने उनसे जान बचाने की गुहार लगाई। इस बवाल के बारे में और जानकारी देते हुए ब्रांच मैनेजर विवेक शर्मा ने बताया कि स्टेट ब्रांच से पैसे नहीं मिलने की वजह से नो कैश का बोर्ड लगाया था। बैंक खुलते ही लोग पहुंचे और उनका गुस्सा भड़क गया।

8 नवम्बर को मोदी सरकार ने 500 और 1000 रूपए के नोट बंद करने का ऐलान किया था। इतने बड़े पैमाने पर नोटबंदी के बाद ग्रामीणों क्षेत्रों में नोटों की काफी कमी हो गई।

बुलंदशहर जिले में बैंक और एटीएम की कतार में भीड़ खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। वहीं जिले को नए नोटों की अभी तक दो ही किश्त प्राप्त हो सकी है जो आम जनता के लिए भी काफी नही है।














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