पैसेंजर ट्रेन में मिले छह माह के बच्चे के मां-बाप को GRP ने खोज निकाला
शाहजहांपुर। यूपी के शाहजहांपुर मे पैसेंजर ट्रेन में मिला बच्चा बरेली के जिला अस्पताल से चोरी किया गया था। बच्चे को चुराने के बाद चोर पैसेंजर ट्रेन मे छोड़कर फरार हो गया था। उसके बाद यात्रियों की सूचना पर जीआरपी ने बच्चे को जिला अस्पताल मे भर्ती कराया। वहीं कंट्रोल रूम से बरेली पहुंची सूचना के बाद माता-पिता को जानकारी दी गयी जिसके बाद आज बच्चे के माता-पिता शाहजहाँपुर के जिला अस्पताल पहुंचे और बच्चे को सीने से लगाया। बच्चे के पिता का कहना है कि बीते बुधवार की शाम को जिला अस्पताल से बच्चे को डिस्चार्ज कराया था तभी अचानक उसका बच्चा चोरी हो गया था। काफी तलाश किया लेकिन नही मिला। फिलहाल बच्चे के माता-पिता ने डाक्टर, जीआरपी और पत्रकारों का बेहद शुक्रिया अदा किया। फिलहाल बच्चा मिलने के बाद माता-पिता के चहरे खुशी से खिल उठे।

बच्चे के पिता कुंवर पाल ने बताया कि वह बरेली के थाना सुभाष नगर के मोहल्ला शांति बिहार मे रहते है। वह राज मिस्त्री है। उसकी तीन बेटियां ओर एक बेटा है। पिता का कहना है कि उसके 6 माह के बेटे को प्लास्टिक एनीमिया की बीमारी है। खून की कमी रहती है जिससे उसकी तबियत खराब रहती है। उसने बेटे को बरेली के जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। बीते बुधवार की शाम को उसने बेटे को अस्पताल से डिस्चार्ज कराया और कुछ जरूरी कागजात अस्पताल मे जमा करने लगा। बच्चे के पास वह मां को छोड़कर गया था लेकिन जब बच्चे की डिलीवरी हुई तबसे पत्नी की भी तबियत ठीक नहीं रहती है बेहद कमजोरी रहती है।

तभी अचानक बच्चा वहां से चोरी हो गया जब वह पत्नी के पास पहुंचा तो पत्नी सो गई थी लेकिन बच्चा वहां पर नही था। उसको काफी तलाश भी किया लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चल सका था। जिसके बाद गुरुवार को जीआरपी बरेली से सूचना मिली थी कि उसका बेटा शाहजहांपुर के जिला अस्पताल मे भर्ती है। तब उसे सुकून हुआ। उसके बाद बच्चे के पिता और बच्चे की दादी शाहजहाँपुर के जिला अस्पताल पहुंचे और बच्चे को देकर भगवान का शुक्रिया अदा किया और वही जीआरपी, डॉक्टर और अस्पताल के कर्मचारियों को बेहद शुक्रिया अदा दिया।

आपको बता दें कि ये बच्चा बीती रात रोजा बरेली पैसेंजर मे रोता बिलखता मिला था । बच्चे की सूचना ट्रेन मे बैठे यात्रियों ने शाहजहाँपुर जीआरपी पुलिस को दी थी। सूचना के बाद बच्चे के पास पहुचे एसओ जीआरपी छत्रपाल सिंह ने जब यात्रियों से बात की तो पता चला कि जब ट्रेन बरेली से चलने वाली थी। तब एक युवक ट्रेन में चढ़ा और बच्चे को एक सीट पर लिटा दिया उसके बाद युवक ने यात्रियों से कहा कि इसकी देखते रहना, अभी आते हैं। उसके बाद युवक बच्चे के पास नहीं आया।












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