Mathura: मथुरा में कुट्टू के आटे से बना प्रसाद खाने से 60 से अधिक लोग बीमार
Mathura: मथुरा में कुट्टू के आटे से बनी चीजें खाने से 60 से अधिक लोगों, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, को फूड पॉइजनिंग की शिकायत हुई।
अधिकारियों ने बताया कि मथुरा में कुट्टू के आटे से बनी चीजें खाने के बाद महिलाओं और बच्चों समेत 60 से ज़्यादा लोगों को फ़ूड पॉइज़निंग के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

कुट्टू के आटे से बनी 'पूरी' और 'पकौड़े' खाने के बाद प्रभावित लोगों को उल्टी, चक्कर आना और कंपकंपी जैसी समस्याएँ हुईं।
स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ. भूदेव प्रसाद ने बताया कि रात के समय फराह थाना क्षेत्र के कई गांवों से फूड पॉइजनिंग की शिकायतें सामने आईं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने तुरंत कार्रवाई की।" शुरुआत में फराह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में इलाज किया गया, बाद में मरीजों की संख्या बढ़ने पर उन्हें बड़े अस्पतालों में ले जाया गया।
स्वास्थ्य विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अजय कुमार वर्मा ने पुष्टि की कि 60 से अधिक लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा, "जिन मरीजों की हालत में आज सुधार दिखाई देगा, उन्हें छुट्टी दे दी जाएगी।" सोमवार रात 10 बजे से, जन्माष्टमी के लिए व्रत रखने वाले फराह गांव के निवासियों ने पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू कर दी।
प्रभावित लोग परखम, बड़ौदा, मिर्जापुर, मखदूम और खैरात गांवों के हैं। उन्होंने झगड़ू और राजकुमार नाम के दो सप्लायरों से कुट्टू का आटा खरीदा था। ये सप्लायर फराह के बड़े किराना व्यापारियों से अपना माल खरीदते थे।
कानूनी कार्रवाई और जांच
जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने दूषित कुट्टू का आटा सप्लाई करने वाले दो विक्रेताओं की दुकानों पर छापा मारकर उन्हें सील कर दिया है। उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस इन दुकानदारों की तलाश कर रही है।
जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने घटना के तुरंत बाद जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन को आपूर्तिकर्ताओं की दुकानों पर छापेमारी कर सील करने के निर्देश दिए।
मरीज के साथ आए परखम गांव के निवासी प्रीतम सिंह ने बताया कि कुट्टू के आटे से बने पकौड़े खाने के बाद लोगों को चक्कर आने, उल्टी होने और कंपकंपी की शिकायत हुई। उन्होंने बताया, "कुट्टू का आटा गांव की एक स्थानीय दुकान से खरीदा गया था।"
डॉ. वर्मा ने बताया कि शुरू में प्रभावित व्यक्तियों का स्थानीय स्तर पर इलाज किया गया जबकि गंभीर मामलों को आगरा के सीएचसी और अस्पतालों में स्थानांतरित कर दिया गया। छह पीड़ितों को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज, 15 को मथुरा के जिला अस्पताल और अन्य को फराह के 100 बिस्तरों वाले अस्पताल और सीएचसी में भर्ती कराया गया।












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