UP Police Recruitment Exam: कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में 657,000 अभ्यर्थी शामिल, 20 गिरफ्तार
UP Police Recruitment Exam: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में शनिवार को 6.57 लाख से ज़्यादा अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। 25,000 पुलिसकर्मियों और 2,300 मजिस्ट्रेटों की निगरानी में 67 जिलों के 1,174 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई। यह पाँच दिवसीय परीक्षा शुक्रवार को शुरू हुई और 31 अगस्त को समाप्त होगी।
परीक्षा के दूसरे दिन कुल 6,57,443 अभ्यर्थी दो पालियों में शामिल हुए। पहली पाली में 4,12,155 अभ्यर्थियों ने अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड किए थे, जिनमें से 3,21,322 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।

30 संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान की गई, लेकिन उन्हें निगरानी में परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई।दूसरी पाली में 4,12,418 अभ्यर्थियों ने अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड किए थे, जिनमें से 3,36,121 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। 42 संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान की गई और उन्हें कड़ी जांच के तहत परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई।
सुरक्षा उपाय और गिरफ्तारियां
पुलिस ने शनिवार को परीक्षा से जुड़े विभिन्न अपराधों के लिए 20 लोगों को गिरफ्तार किया। हिरासत में लिए गए लोगों में अनिरुद्ध मोदनलाल भी शामिल है। उसे पैसे के बदले टेलीग्राम के ज़रिए फ़र्जी प्रश्नपत्र बांटने के आरोप में स्पेशल टास्क फ़ोर्स (एसटीएफ) ने गिरफ़्तार किया था। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (यूपीपीआरपीबी) ने भी लखनऊ के हुसैनगंज में पेपर लीक की झूठी अफ़वाह फैलाने वाले लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है।
यूपीपीआरपीबी ने कहा कि परीक्षाएं पांच दिनों में दो पालियों में आयोजित की जाएंगी: 23, 24, 25, 30 और 31 अगस्त। इस नई भर्ती अभियान का उद्देश्य 60,000 से अधिक पदों को भरना है, क्योंकि 17 और 18 फरवरी को आयोजित पिछली परीक्षाएं पेपर लीक के आरोपों के कारण रद्द कर दी गई थीं।
निगरानी और निरीक्षण
यूपी के पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने परीक्षाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय और नेशनल पीजी कॉलेज सहित कई परीक्षा केंद्रों का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया। बोर्ड पूरी परीक्षा प्रक्रिया के दौरान संदिग्ध उम्मीदवारों पर कड़ी निगरानी रखता है।
उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम ने सभी अभ्यर्थियों को निःशुल्क बस सेवा प्रदान की। इसमें परीक्षा केंद्रों तक आसान पहुंच के लिए कई जिलों में इलेक्ट्रिक बसों में निःशुल्क यात्रा भी शामिल थी।
बोर्ड के अध्यक्ष राजीव कृष्ण ने पुष्टि की कि शनिवार को दोनों शिफ्टों में संदिग्ध उम्मीदवारों की पहचान होने के बावजूद उन्हें कड़ी निगरानी में परीक्षा देने की अनुमति दी गई। उन्होंने कहा, "हम निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"












Click it and Unblock the Notifications