विधानसभा में एक दिन महिलाओं के लिए रिजर्व, समझिए योगी ने महिला विधायकों को क्यों लिखा पत्र

लखनऊ, 21 सितंबर: उत्तर प्रदेश में विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है। सत्र के दौरान ऐसा पहली बार होगा जब एक दिन यानी 22 सितंबर को केवल महिलाओं का सदन लगेगा और महिला विधायक अपनी बातों को रख सकेंगी। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मानसून सत्र के दौरान महिला जनप्रतिनिधियों को उनके मुद्दों को उठाने के लिए एक दिन आरक्षित करने का फैसला किया था। अब इस ऐतिहासिक दिन से एक दिन पहले सीएम योगी ने महिला विधायकों को पत्र लिखकर मिशन शक्ति के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने शुभकामनाएं दी हैं।

योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं के ऐतिहासिक अवसर (22 सितंबर) को यूपी विधानसभा के दोनों सदनों में होने वाले सत्र से पहले यूपी विधानसभा की सभी महिला सदस्यों को सरकार की मिशन शक्ति योजना और इसके प्रभाव के बारे में लिखा है।

महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा किए गए प्रयासों और 'मिशन शक्ति' कार्यक्रम के तहत अब तक प्राप्त परिणामों के बारे में व्यापक जानकारी प्रदान की।

योगी ने कहा, "मिशन शक्ति के तहत, महिला सशक्तिकरण से संबंधित केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों और पहलों के कुशल कार्यान्वयन के परिणामस्वरूप पूरे देश और दुनिया में उत्तर प्रदेश के बारे में धारणा बदल गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले साढ़े पांच वर्षों में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में बहुत प्रयास किए हैं।

महिलाओं को बड़े पैमाने पर मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से जोड़ना, सरकारी पदों पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और उन्हें स्वरोजगार योजनाओं में शामिल करना, सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई पहल की हैं। , उन्होंने रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण से संबंधित कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी भी दी। सीएम योगी ने हाल ही में 22 सितंबर को विधान सभा और विधान परिषद की महिला सदस्यों को समर्पित करने की घोषणा की थी। इस दिन महिला विधायक विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखेगी।

दरअसल यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मानसून सत्र के दौरान महिला जनप्रतिनिधियों को उनके मुद्दों को उठाने के लिए एक दिन आरक्षित करने का फैसला किया है। अधिकारियों की माने तो इस संबंध में एक निर्णय लिया है जिसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पहली बार विधानसभा में ऐसा हो रहा है।

दरअसल पिछले सत्र में सतीश महाना ने यूपी में ई विधान प्रणाली लागू करने की शुरूआत की थी। उनके इस फैसले को भी काफी सराहा गया था। ई विधान प्रणाली का मकसद विधानसभा की कार्यवाही को पेपरलेस करना है। आने वाले समय में विधानसभा की तस्वीर पूरी बदली दिखाई देने की उम्मीद की जा रही है।

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