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Noida Engineer Accident: सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत पर सस्पेंस खत्म! पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

Noida Engineer Yuvraj Mehta Death: नोएडा के सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे पर एक बड़ा अपडेट आया है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत को लेकर चल रहा सस्पेंस अब खत्म हो गया है। सोशल मीडिया और शुरुआती चर्चाओं में मौत के अलग-अलग कारण बताए जा रहे थे, लेकिन एक्सक्लूसिव पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने असलियत सामने ला दी है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तकनीकी पहलुओं से साफ होता है कि यह एक भीषण हादसा था। आइए विस्तार से जानते हैं युवराज मेहता की दर्दनाक मौत का असली कारण क्या रहा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या-क्या खुलासा किया गया है।

Yuvraj Mehta Case

सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत पर सस्पेंस खत्म

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का मुख्य कारण पानी में डूबने की वजह से दम घुटना दर्ज किया गया है। युवराज के दोनों फेफड़े पानी से पूरी तरह भरे हुए थे (B/L Lungs full of water)। टेस्ट के दौरान फेफड़ों से भारी मात्रा में तरल पदार्थ निकला।

रिपोर्ट में स्पष्ट है कि डूबने और ऑक्सीजन की कमी के कारण अंततः 'कार्डियक अरेस्ट' हुआ। यह सामान्य हार्ट अटैक नहीं, बल्कि डूबने की प्रक्रिया का अंतिम चरण था। शरीर के परीक्षण में नाखूनों का रंग नीला (Nails Cyanosed) पाया गया, जो इस बात का वैज्ञानिक प्रमाण है कि मौत से पहले युवराज के शरीर में ऑक्सीजन पूरी तरह खत्म हो चुकी थी।

कितनी देर तक चली जिंदगी और मौत के बीच जंग?

हादसे वाली रात की दास्तां दिल दहला देने वाली है। युवराज ने खुद फोन कर अपने पिता को बुलाया था। जब पिता मौके पर पहुंचे, तो युवराज कार की छत पर बैठकर टॉर्च जलाकर अपनी लोकेशन बता रहा था। पिता की आंखों के सामने ही वह 'बचाओ-बचाओ' चिल्लाता रहा, लेकिन दलदल और गहरा पानी होने के कारण कोई उसे छू तक नहीं सका।

प्रशासनिक फेल्योर ने ली युवराज की जान

परिजनों का आरोप है कि अगर समय रहते सही संसाधन मिल जाते तो युवराज जिंदा होता। मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल विभाग के पास न तो लंबी रस्सी थी और न ही ऐसी क्रेन जो दलदल के बीच तक पहुंच सके। जब तक एनडीआरएफ (NDRF) की टीम पहुंची, युवराज कार समेत पानी में समा चुका था।

दो बिल्डर कंपनियों पर 'गैर इरादतन हत्या' का केस

पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए एमजे विशटाउन और लोटस ग्रीन बिल्डर कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं में केस दर्ज हुआ है:

  • धारा 105: गैर इरादतन हत्या।
  • धारा 106 (1): लापरवाही से मौत।
  • धारा 125: व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना।

घटना को लेकर वर्तमान स्थिति क्या है?

हादसे के बाद प्रशासन की नींद टूटी है। अब उस खूनी गड्ढे के चारों ओर 10 फीट ऊंचे लोहे के बैरिकेड्स और जर्सी बैरियर लगाए गए हैं। फिलहाल कार को बाहर निकालने के लिए पंपों के जरिए पानी निकालने का काम जारी है।

राहुल गांधी ने BJP सरकार पर उठाए सवाल

दूसरी ओर इस घटना को लेकर बीजेपी सरकार पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। इस बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को युवक की मौत के बाद जवाबदेही की कमी पर चिंता जताई। युवक की कार नाले में गिर गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई। X पर एक पोस्ट में, कांग्रेस नेता ने कई राष्ट्रीय मुद्दों का ज़िक्र किया, जिनमें बेगुनाह लोगों की जान गई और इसके लिए जवाबदेही की कमी को ज़िम्मेदार ठहराया।

उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'सड़कें मारती हैं, पुल मारते हैं, आग मारती है, पानी मारता है, प्रदूषण मारता है, भ्रष्टाचार मारता है, लापरवाही मारती है; भारत में शहरों की हालत खराब होने की वजह पैसे, टेक्नोलॉजी या समाधान की कमी नहीं है। यह जवाबदेही की कमी है।' कांग्रेस सांसद ने एक शॉर्ट फॉर्म भी दिया: "TINA: There Is No Accountability (कोई जवाबदेही नहीं है)।'

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