NCERT text books: UP बेसिक शिक्षा विभाग में अभी एनसीईआरटी की पुस्तकें नहीं होंगी लागू, ये हैं वजहें

UP Government ने राज्य में कक्षा एक से लेकर तीन तक एनसीईआरटी की पुस्तकों को लागू करने से इंकार कर दिया है। इस आशय का एक प्रस्ताव कैबिनेट में पेश किया गया था जिसे वापस कर दिया गया।

योगी आदित्यनाथ

UP basic education department: उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी में बेसिक शिक्षा विभाग में NCERT की पाठ्य पुस्तकों को लागू करने से इंकार कर दिया है। सरकार की दलील है कि इन पुस्तकों में राष्ट्रीय स्तर के तथ्य होते हैं और यह आवश्यक है कि छात्रों को पहले अपने स्थानीय परिवेश का बुनियादी ज्ञान हो। इसलिए यूपी के प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 1 और 3 के छात्र राज्य सरकार द्वारा प्रकाशित की जाने वाली पाठ्यपुस्तकों का उपयोग करना जारी रखेगी।

कक्षा एक से तीन तक लागू होनी थीं पुस्तकें

दरअसल यूपी कैबिनेट ने अप्रैल से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से चरणबद्ध तरीके से एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों को लागू करने के बेसिक शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को शुक्रवार को ठुकरा दिया। उत्तर प्रदेश के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2023-24 से कक्षा 1 से 3 तक की एनसीईआरटी की किताबें लागू करने की मंजूरी के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने कैबिनेट को प्रस्ताव भेजा था।

योगी

बेसिक शिक्षा विभाग ने कैबिनेट में भेजा था प्रस्ताव

उत्तर प्रदेश के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2023-24 से कक्षा 1 से 3 तक की एनसीईआरटी की किताबें लागू करने की मंजूरी के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने कैबिनेट को प्रस्ताव भेजा था। कैबिनेट ने महसूस किया कि एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों में राष्ट्रीय स्तर के तथ्य होते हैं और यह आवश्यक है कि छात्रों को अपने स्थानीय परिवेश का बुनियादी ज्ञान हो। कैबिनेट ने महसूस किया कि यह भी राज्य से संबंधित विषय है, इसलिए पाठ्यपुस्तकें राज्य सरकार द्वारा ही प्रकाशित की जाएंगी।

स्कूली शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने कहा कि,

एनसीईआरटी की किताबें शुरू करने का प्रस्ताव इस शैक्षणिक सत्र के लिए ही रोक दिया गया था क्योंकि एनसीईआरटी की किताबों को समय पर प्रकाशित करने के लिए बहुत कम समय था क्योंकि नया सत्र अप्रैल से शुरू हुआ था। इसे अब शैक्षणिक सत्र 2024-25 से लागू किया जाएगा। चूंकि राज्य सरकार ने नई शिक्षा नीति 2020 में प्रस्तावित राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफ) को पहले ही अपना लिया है, इसलिए इसे अगले साल (अप्रैल 2024) से पेश किया जा सकता है।

यूपी में 9 से 12वीं तक लागू हैं एनसीईआरटी की पुस्तकें

इससे पहले बेसिक शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 से उत्तर प्रदेश के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 1 से 3 तक की एनसीईआरटी की किताबों को लागू करने की मंजूरी के लिए कैबिनेट को प्रस्ताव भेजा था। यूपी में कक्षा 9वीं से 12वीं तक एनसीईआरटी की किताबें पहले ही शुरू हो चुकी हैं।

योगी

विभाग ने चरणबद्ध तरीके से एनसीईआरटी की किताबें कक्षा 1 और 2 से शुरू करने, फिर 2024-25 से कक्षा 3 से 5 तक और अगले सत्र में कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के बीच पेश करने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन इन सभी योजनाओं पर पानी फिर गया है। कैबिनेट द्वारा ठंडे बस्ते में डाल दिया।

परिषदीय विद्यालयों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने का निर्णय 2018 में लिया गया था और इसे 2021-22 से कक्षा पहली से आठवीं तक चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना थी। लेकिन कोविड-19 के प्रकोप के कारण इसमें देरी हुई।

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