Navratri 2024: अयोध्या में नवरात्र के 9 दिन नहीं बिकेगा मीट, यूपी के अन्य शहरों में क्या हैं निर्देश?
नवरात्र के दौरान अयोध्या के सहायक खाद्य आयुक्त मानिकचंद सिंह ने जनपद में मांस, मुर्गा, मछली आदि की दुकानें बंद रखने का आदेश जारी किया है। ये प्रतिबंध अयोध्या में तीन अक्टूबर से 11 अक्टूबर के बीच लागू रहेगा। इस दौरान जिले में बकरा, मुर्गा, मछली समेत सभी मांस की दुकाने बंद रहेंगी। उन्होंने बताया कि आदेश का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मीट की दुकानों को लेकर ताजा निर्देश के उल्लंघन पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी। यूपी ही नहीं मध्य प्रदेश में भी सरकार ने इसी तरह के आदेश आदेश जारी किए हैं।
राम की नगरी अयोध्या में नवरात्र के मौके पर मांस बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि तीन अक्टूबर से 11 अक्टूबर के बीच जिले में बकरा, मुर्गा, मछली समेत सभी मांस की दुकाने बंद रहेंगी। उन्होंने बताया कि आदेश का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नवरात्रि के दौरान मीट बिक्री पर प्रतिबंध को लेकर प्रशासन का यूपी में ये पहला आदेश है,जिसमें मीट की दुकानें बंद रखने का आदेश जारी किया गया था।
वहीं गाजियाबाद की लोनी सीट से विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने लोनी के उपजिलाधिकारी को पत्र लिखकर मांग की है कि नवरात्रि के दौरान किसी भी प्रकार का कोई मीट की दुकान या मांसाहारी होटल खुला नहीं होना चाहिए। विधायक के मुताबिक लोनी में नवरात्रि में चारों ओर मंदिर के साथ-साथ घरों में पूजा पाठ, जागरण और रामलीला जैसे धार्मिक कार्यों का आयोजन बड़े स्तर पर किया जाता है।
अन्य शहरों में मीट बिक्री नियामानुसार की जा सकेगी। यूपी सरकार ने मीट की दुकानों को लिए 17 नियम बनाए हैं, जिनका पालन आवश्यक है। जिसके तहत मीट की दुकान किसी भी धार्मिक जगह से पचास मीटर के दायरे में नहीं होनी चाहिए। सब्जी बाजार के पास भी मीट शॉप नहीं होनी चाहिए।
ये हैं मीट बिक्री को लेकर सरकार के कुछ नए नियम
- मीट की दुकान किसी भी धार्मिक जगह से पचास मीटर के दायरे में नहीं होनी चाहिए।
- सब्जी बाजार के पास भी कोई मीट शॉप नहीं होनी चाहिए।
- दुकानों के बाहर पर्दे या गहरे रंग के ग्लास की भी व्यवस्था हो ताकि जनता को नजर न आए।
- मीट शॉप में काम करने वालों के पास हेल्थ सर्टिफिकेट होना चाहिए।
- शहरी क्षेत्रों में नगर निगम का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट होना चाहिए। इसके अलावा फूड सेफ्टी और ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की एनओसी भी होनी चाहिए।
- ग्रामीण इलाकों में ग्राम पंचायत, सर्किल ऑफिस और फूड सेफ्टी विभाग से एनओसी होनी चाहिए।
- चाकू, छूरी या किसी भी प्रकार के औजार स्टील के बने होने चाहिए।
- किसी बीमार, गर्भधारित पशु को नहीं काटा जाएगा। बूचड़खाना परिसर की नियमित साफ-सफाई करनी होगी।
- बूचड़खाने से मीट को सिर्फ फ्रीजर में रखकर ही ट्रांसपोर्ट किया जाए।
- बूचड़खानों में गीजर लगा होना चाहिए।
- दुकानदार जानवरों या पक्षियों को दुकान के अंदर नहीं काट सकते।
- मीट की क्वॉलिटी को किसी पशु डॉक्टर से प्रमाणित कराना होगा।
- मीट के दुकानदारों को हर छह महीने पर अपनी दुकान की सफेदी करानी होगी।
- उनके चाकू और दूसरे धारदार हथियार स्टील के बने होने चाहिए।
- मीट की दुकानों में कूड़े के निपटारे के लिए समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
- बूचड़खानों से खरीदे जाने वाले मीट का पूरा हिसाब-किताब भी रखना होगा।
- एफएसडीए के किसी मानक का उल्लंघन होते ही लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications