PICs: मुस्लिम महिलाओं ने की प्रभु श्री राम से फरियाद, तीन तलाक से मुक्ति का मांगा वरदान
इन्होंने खुद से दीपों की थाल सजाकर श्री राम का श्रृंगार किया। जिसके बाद स्वयं लिखी हुई आरती गाते हुए प्रभु श्री राम की आरती उतारी। ये मुस्लिम महिलाएं पिछले 11 सालों से उत्सव मनाती आ रही हैं।
वाराणसी। पूरा देश राम नवमी के अवसर पर श्री राम का जन्मदिवस मनाता है तो वहीं राम नवमी पर धर्म नगरी काशी में भी पिछले 11 वर्षों से गंगा-जमुनी तहजीब मिसाल बनाती रही है। जहां मुस्लिम महिलाएं बड़े ही धूमधाम से राम नवमी सिर्फ मनाती ही नहीं बल्कि बाकायदा राम आरती करती हैं। लेकिन इस बार इस राम आरती में पहली बार इन महिलाओं ने फरियाद भी की। इन मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक के दंश से मुक्ति के लिए भगवान राम से फरियाद की।


कब से शुरू हुई ये राम आरती
अपने पारंपरिक पोशाक में ये मुस्लिम महिलाएं राम आरती कर रहीं हैं। उत्सव है राम नवमी का जिसके लिए इन्होंने खुद से दीपों की थाल सजाकर श्री राम का श्रृंगार किया। जिसके बाद स्वयं लिखी हुई आरती गाते हुए प्रभु श्री राम की आरती उतारी। ये मुस्लिम महिलाएं पिछले 11 सालों से राम नवमी पर राम उत्सव मनाती आ रहीं हैं। जिससे हिन्दू-मुस्लिम एकता बनी रहे।

क्या मांगा मुस्लिम महिलाओं ने
प्रभु श्री राम की आरती में आज तक इन महिलाओं ने कभी फरियाद नहीं की लेकिन इस बार इन महिलाओं ने तीन तलाक से मुक्ति पाने के लिए प्रार्थना की। वो इस उम्मीद से की मुस्लिम समाज की महिलाएं इस दंश से बाहर निकल सकें। राम भक्त नाजनीन ने कहां की हर बार आरती हिन्दू-मुस्लिम एकता के लिए की जाती रही है लेकिन इस बार ये आरती हमने मुस्लिम महिलाओं के तीन तलाक से निजात पाने के लिए की है।

मिसाल पेश करती है आरती
रोजे और नमाज की पाबंद ये मुस्लिम महिलाएं हिन्दू-मुस्लिम एकता के लिए राम नवमी पर राम आरती करती आई हैं लेकिन पहली बार इन महिलाओं ने अपने खुद की पीड़ा के लिए ये आरती की है ताकि उन्हें तीन तलाक पर इंसाफ मिले।












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