तीन तलाक: मोदी-योगी से इस पीड़ित मुस्लिम महिला ने रो-रोकर की गुहार
शाहजहांपुर में एक महिला ने पीएम मोदी और सीएम योगी से ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को खत्म करने की गुहार लगाई है ताकि किसी के साथ उसका पति खिलवाड़ न कर सके।
शाहजहांपुर। यूपी के शाहजहांपुर में एक महिला को उसके पति ने फोन पर ही तीन बार तलाक-तलाक-तलाक कहकर उसे अपनी जिन्दगी से अलग कर दिया। तीन तलाक के खिलाफ सरकार और कोर्ट की कोशिश के बाद शाहजहांपुर में एक महिला ने पीएम मोदी और सीएम योगी से गुहार लगाई है कि इस तीन तलाक जैसी कुप्रथा को खत्म किया जाये ताकि मुस्लिम महिलाओं की जिन्दगी से उनके पति खिलवाड़ न कर सके। इसके साथ ही महिला ने गलत फतवों को जारी करने वालों पर भी बैन लगाने की गुहार लगाई है।

जेबा खान ने रोकर सुनाई दास्तान
रो-रो कर अपनी दर्दभरी दास्तां बयां कर रही महिला का नाम जेबा खान है जिसे उसके पति ने फोन पर ही तीन बार तलाक-तलाक-तलाक बोल कर उसे छोड़ दिया। दरअसल शाहजहांपुर के सदर थाना इलाके की रहने वाली जेबां की शादी 2009 में अलीगढ़ के रहने वाले डॉ जियाउद्दीन से हुई थी। शादी के एक साल तक दोनों के बीच सबकुछ ठीक चला लेकिन उसके बाद से उसका पति उसे टॉर्चर करने लगा। इसी बीच जियाउद्दीन जेबा को छोड़ दिल्ली में नौकरी करने लगा। कुछ समय बीतने के बाद जियाद्दीन ने 2013 में जेबा को फोन पर ही तीन बार तलाक-तलाक-तलाक बोलकर उससे अलग हो गया।

मोदी-योगी सरकार आने से बंधी उम्मीद
पति के तलाक देने के बाद से पीड़ित जेबा इन्साफ के लिए दर-दर भटक रही है। धार्मिक गुरुओं ने इसे शरियत का कानून बताकर अपने हाथ खड़े कर लिए तो वही कानून ने भी शरियत का हवाला देकर कार्रवाई नहीं की। महिला का आरोप है कि दूसरी महिला से शादी करने की वजह से उसके पति ने फोन पर तलाक-तलाक-तलाक बोलकर उसकी जिन्दगी बर्बाद कर दी। केन्द्र में मोदी सरकार और अब सूबे में योगी की सरकार बनने के बाद जेबा की उम्मीद एक बार फिर जागी है कि उसे इन्साफ जरूर मिलेगा साथ ही उसने मांग की है कि तलाक के मामले में फतवा जारी करने वालों पर भी बैन लगाया जाये।

तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं को दिलाएं इंसाफ
पीड़ित जेबा का कहना है कि तीन तलाक के इस शरियत के कानून को खत्म किया जाये और इस पर रोक लगाई जायी जिससे मुस्लिम महिलायें अपने आपको सुरक्षित और सम्मानित महसूस कर सके। इस तरह के 3 तलाकों के धार्मिक कानून पर महिलायें अपने आपको हर समय असुरक्षित समझती रहती हैं। उन्हें खुद नही पता कि उनका पति कब उनसे दूर हो जाये और उसे कब तलाक दे दे। जेबा ने अपने साथ-साथ उन तमाम पीड़ित महिलाओं की तरफ से को मोदी सरकार से गुहार लगाई है कि वो ऐसी महिलाओं को इंसाफ दिलायें जिससे बेसहारा महिलाओं को सहारा मिल सके।

'कई महिलाओं की जिंदगी तीन तलाक की वजह से बर्बाद'
केन्द्र सरकार अब 12 सौ से ज्यादा बेकार के कानूनों को खत्म कर चुकी है लेकिन शरियत का तीन तलाक के कानून में अब मुस्लिम महिलाएं घुटन महसूस करने लगी हैं। यही वजह है कि अब मुस्लिम महिलाएं ही तीन तलाक के शरियत कानून को खत्म करने की खुलकर बात करने लगी है। तीन तलाक के शरियत कानून ने यहां सिर्फ जेबा की ही जिन्दगी को बर्बाद नहीं किया बल्कि पूरे देश में ऐसे हजारों महिलाएं हैं जिनकी जिन्दगी को तलाक के तीन शब्दों ने खत्म कर दिया।












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