मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को हाईकोर्ट से नहीं मिली जमानत, पिता का फातिहा भी नहीं पढ़ पाएगा बेटा?
मुख्तार अंसारी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की उम्मीद लगाए जेल में बंद बड़े बेटे अब्बास अंसारी को बड़ा झटका लगा है। अब्बास अंसारी की जमानत की अर्जी को सुनने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है।
दरअसल, जिस बेंच के सामने अर्जी दी गई, वो बेंच ही नहीं बैठा। इसके बाद ये मामला दूसरे बेंच को ट्रांसफर कर दिया गया लेकिन दूसरे बेंच ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इस वजह से मुख्तार के परिवार की अर्जी हाईकोर्ट में मेंशन नहीं हो सकी।

इससे पहले अंसारी परिवार ने अब्बास के पैरोल जमानत के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक अर्जी मेंशन की थी। मुख्तार के परिवार की अर्जी एमपी एमएलए से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली जस्टिस संजय कुमार सिंह की बेंच में मेंशन होनी थी, लेकिन यह बेंच आज बैठी ही नहीं सकी।
इसके बाद इस मुकदमे को जस्टिस समित गोपाल की बेंच को ट्रांसफर कर दिया गया। लेकिन जस्टिस समति गोपाल की बेंच ने दूसरी बेंच से आए किसी भी मुकदमे को सुनने से इनकार कर दिया। इस कारण से मुख्तार के परिवार की अर्जी हाईकोर्ट में मेंशन नहीं पाई।
हाईकोर्ट में मामला लटकने के बाद अब अंसारी परिवार अब सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल करने की तैयारी में जुट गया है। न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक थोड़ी देर में अब सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की जाएगी। हालांकि वकील इस बात की कोशिश में भी जुटे हुए हैं कि मामला चीफ जस्टिस के यहां मेंशन हो जाए और चीफ जस्टिस किसी बेंच को सुनवाई के लिए नॉमिनेट कर दें।
आपको बता दें कि अब्बास अंसारी इन दिनों यूपी की कासगंज जेल में बंद है। वह मऊ सीट से विधायक हैं। अब्बास के छोटे भाई उमर अंसारी ने कहा था कि प्रशासन को चाहिए कि उनके भाई को पिता के आखिरी रस्म में आने के लिए इजाजत दें।
इस बीच बांदा के जिलाधिकारी ने मुख्तार अंसारी की मौत की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। एक महीने में जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। मुख्तार अंसारी की गुरुवार को मौत हो गई थी। बांदा जेल में हार्ट अटैक के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।












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