हादसा: पहले पति की हुई मौत, अब छिन गया गूंगी मां का इकलौता सहारा
हैरान करने वाली बात ये कि बेटे की लाश को देखकर मां तड़प उठी, उसके आंसू छलक उठे पर वो अपने दर्द को किसी से कह नहीं सकी।
सुल्तानपुर। यूपी के सुल्तानपुर में एक मां का दुनिया में इकलौता सहारा था एक 11 साल का बेटा, जो गुरुवार को सड़क हादसे का शिकार हो गया। हैरान करने वाली बात ये कि बेटे की लाश को देखकर मां तड़प उठी, उसके आंसू छलक उठे पर वो अपने दर्द को किसी से कह नहीं सकी। दरअसल वो गूंगी होने के चलते मजबूर थी। यही नहीं अभी डेढ़ साल पहले ही बीमारी के बाद पति की मौत हुई थी। दिल दहला देने वाली ये दास्तान लंभुआ थाना क्षेत्र के खुनशेखपुर गांव की है।

साइकिल से बाजार सामान लाने निकला
जानकारी के अनुसार लंभुआ थाना क्षेत्र के खुनशेखपुर गांव निवासी स्व. पुतुन्नी का 11 वर्षीय पुत्र नितिन गूंगी मां का इकलौता सहारा था। वो गांव के ही उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 8 का छात्र था। गुरुवार को स्कूल से घर आने के बाद नितिन साइकिल से बाज़ार सामान लेने के लिए गया था लेकिन उसे क्या पता था कि रास्ते में उसकी मौत उसका इन्तज़ार कर रही है।

ट्रैक्टर के नीचे आ गया नितिन
हुआ ये कि अभी सामान लेकर साइकिल से वो पलटा ही था कि गांव के ही एक व्यक्ति का ट्रैक्टर मिट्टी की ढुलाई में लगा था। नितिन एकाएक ट्रैक्टर के नीचे आ गया। उसे हादसे का शिकार होते देख जब तक गांव वाले वहां पहुंचते तब तक उसका अच्छा खासा खून बह चुका था। ग्रामीण जब क़रीब पहुंचे और उसे उठाकर अस्पताल ले जाना चाहा तब तक वो दम तोड़ चुका था।

रोती-तड़पती रह गई गूंगी मां
उधर हादसे की खबर जंगल में आग की तरह गाँव में फैली तो नितिन के दादा और परिवार के लोग दौड़ पड़े। घर वालों को इस तरह दौड़ता देख गूंगी मां भी निकल पड़ी, लेकिन क़रीब पहुंचकर जब उसने वहां का मंजर देखा तो वो जीते जी मर सी गई। उसकी दुनिया उजड़ चुकी थी, वो रोती-तड़पती रह गई। अभी डेढ़ साल पहले पति की मौत का जख्म ही क्या कम थे कि इकलौते चिराग का सहारा भी छूट गया।

पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा
फिलहाल मौके पर पहुंची पुलिस ने नितिन के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। एसपी अमित वर्मा का कहना है कि फिलहाल पीड़ित परिवार की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।












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