यूपी के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में फोन बैन, पकड़े जाने पर होगी कड़ी कार्रवाई
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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में कॉलेज परिसर के अंदर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह आदेश राज्य विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों में लागू होगा। इस बाबत उच्च शिक्षा निदेशालय ने अपनी ओर से गाइड लाइन जारी कर दी है और आदेश की प्रतिलिपि राज्य विश्वविद्यालयों को भेजते हुये इसे तत्काल कड़ाई से लागू करने को कहा है । संबंधित राज्य विश्वविद्यालयों पर यह जिम्मेदारी होगी कि वह अपने संबद्ध डिग्री कालेजों में इस नियम के कड़ाई से पालन की व्यवस्था करें।

इस आदेश की सबसे खास बात यह है कि मोबाइल के उपयोग पर प्रतिबंध न सिर्फ अध्ययनरत छात्र-छात्राएं पर लागू होगा, बल्कि वहां पढ़ा रहे शिक्षकों पर भी यह नियमावली लागू होगी। इस आदेश के माध्यम से राज्य विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों में शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार का प्रयास किया जा रहा है और पठन पाठन को बढाने के लिये योजना तैयार की गयी है।
क्यों हुआ बैन
राज्य विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों में नियमों की ढील के वजह से क्लास के अंदर भी अध्ययनरत छात्र-छात्राएं मोबाइल चलाते रहते हैं। अधिकांश समय उनका सोशल मीडिया जैसी चीजों पर ही गुजरता है, ऐसे में उनकी पढाई का स्तर बेहद ही गिर गया है।
इसे देखते हुये अब उच्च शिक्षा निदेशालय ने बड़ा फैसला लिया है और मोबाइल फोन को लेकर नयी गाइडलाइन जारी की है, जिसके अनुसार राज्य विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों के परिसर के अंदर मोबाइल इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

जब्त होगी मोबाइल
राज्य विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं अगर परिसर के अंदर मोबाइल का उपयोग करते हुये पाये जाते हैं तो उनका मोबाइल कॉलेज प्रशासन द्वारा जब्त कर लिया जायेगा और अभिभावकों को बुलाकर चेतावनी के साथ लौटाया जाएगा।
हालांकि, इस नियम में राहत यह है कि अध्ययनरत छात्र-छात्राएं को मोबाइल रखने पर मनाही नहीं है, यानी वह मोबाइल तो अपने साथ रख सकते हैं, लेकिन उसका उपयोग कालेज परिसर के अंदर नहीं किया जा सकता। कॉलेज में जब छुट्टी हो जाये, उस वक्त अगर चाहें तो मोबाइल का उपयोग किया जा सकता है।
फिलहाल उच्च शिक्षा निदेशालय की यह गाइडलाइन कितने हद तक लागू होगी और कितनी कड़ाई से इसका पालन होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। लेकिन, एक बात तो तय है कि अगर इस नियम का पालन कडाई से हुआ तो पठन-पाठन की व्यवस्था में सुधार आयेगा।
सीसीटीवी से निगरानी
जानकारी देते हुये उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा ने बताया कि राज्य विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में इस नियम का कड़ाई से पालन हो इसके लिये सभी राज्य विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों अपने परिसर को वायस रिकॉर्डिंग युक्त सीसीटीवी कैमरा से अच्छादित करें और उसे एक्टिव रखें।
कॉलेज का एक अनुभाग इसकी निगरानी के लिये लगाया जाये और सीसीटीवी के माध्यम से नियम का कड़ाई से पालन कराया जाये। डॉ. वंदना शर्मा के अनुसार परिसर में पठन-पाठन का माहौल बनाने के लिए मोबाइल के उपयोग को प्रतिबंधित किया गया है।
हालांकि मोबाइल साथ में रखने पर कोई प्रतिबंध नहीं है, मोबाइल पास में रख सकते हैं, लेकिन उसका उपयोग नहीं किया जा सकता। हालांकि मोबाइल साइलेंट मोड में ही होने चाहिये, ताकि उससे शैक्षणिक कार्य में व्यवधान न हो और नियमावली की मंशा पूर्ण हो।












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