जातीय दंगे के बाद मिलिट्री के हवाले सहारनपुर, DM और SSP सस्पेंड

सहारनपुर में जातीय दंगे के बाद इलाके में बहुत ज्यादा तनाव है। छिटपुट वारदातें हो रही हैं। स्थिति को कंट्रोल करने के लिए फौज को लगा दिया गया है। पुलिस-प्रशासन के आलाधिकारियों पर गाज गिरी है।

सहारनपुर। गांव शब्बीरपुर से भड़के जातीय दंगे और इसके बाद दूसरे गांवों में पहुंची इसकी लौ के बाद सहारनपुर जनपद को मिलट्री के हवाले कर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्र ही नहीं शहरी क्षेत्र में भी चप्पे-चप्पे पर मिलिट्री के जवानों को तैनात कर दिया गया है। उपद्रवियों से सख्ती से निपटने के आदेश दे दिए गए हैं। जहां भी उपद्रवी उपद्रव करता नजर आएगा, वहां का पूरा मामला अब मिलिट्री संभालेगी। स्थानीय पुलिस को इससे अलग रखा गया है। सहारनपुर के डीएम और एसएसपी को हटा दिया गया है। एसडीएम और सीओ को भी सस्पेंड किया गया है।

हटाए गए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और डीएम

हटाए गए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और डीएम

शब्बीरपुर में हुए दंगे के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद दूबे को हटा दिया गया है। लखनऊ स्तर से जारी सूचना के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दंगे को शांत करने में पूरी तरह से नाकाम रहे हैं। ज्ञात हो कि यह वही एसएसपी हैं, जो सपा शासन काल में मुजफ्फरनगर में हुए दंगों के आरोपी बने थे। उस वक्त भी उन्हें मुजफ्फरनगर से केवल इसलिए हटा दिया गया था, क्योंकि वह मुजफ्फरनगर के दंगों को शांत करने में नाकाम रहे थे। सहारनपुर के डीएम, एसडीएम और एक सीओ को भी हटा दिया गया है। मुजफ्फरनगर के एसएसपी को सहारनपुर की कमान सौंप दी गई है।

सेना के जवानों को किया तैनात

सेना के जवानों को किया तैनात

गांव शब्बीरपुर, चंदपुर, बड़गांव, मिर्जापुर आदि गांवों के अलावा शहरी क्षेत्र में हंगामा करने वालों से निपटने के लिए चौराहों और प्रमुख स्थानों पर मिलिट्री के जवानों को तैनात कर दिया गया है। दो कंपनी आरपीए और सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है, जो चारों ओर अपनी नजर बनाए हुए हैं। जिला अस्पताल में घायलों को लेकर आने वाले परिजनों और अथवा ग्रामीणों द्वारा हंगामा करने की शिकायत मिलने के बाद जिला अस्पताल परिसर में के अंदर और बाहर सेना के जवानों को तैनात किया गया है। यहां पर अब यदि कोई भी व्यक्ति हंगामा करेगा या उपचार के दौरान चिकित्सकों को परेशान करेगा तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा।

अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

इसके अलावा लखनऊ से आए गृह सचिव मणि प्रसाद, एडीजी कानून व्यवस्था आदित्य मिश्रा, आईजी एसटीएफ अमिताभ यश, डीआईजी सिक्योरिटी विजय कुमार भूषण ने गांव शब्बीपुर और गांव चंदपुर पहुंच मंगलवार को हुए दंगे के घायलों के घर पहुंचकर वार्ता की। आश्वासन दिया कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। लेकिन जो कानून को हाथ में लेने की कोशिश करेगा, उससे सख्ती से निपटा जाएगा, चाहे वह किसी भी वर्ग का ही क्यों न हो।

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