मिलिए हेलमेट मैन राघवेंद्र सिंह से, सड़क हादसे में हुई दोस्त की मौत तो नौकरी छोड़कर बांटने लगे हेलमेट

Raghvendra Kumar: बिहार से ताल्‍लुक रखने वाले राघवेंद्र सिंह पिछले काफी समय से लोगों को फ्री में हेलमेट बांट रहे है और 'हेलमेट मैन' और 'हेलमेट मैन ऑफ इंडिया' के नाम से मशहूर हैं। आइए जानते हैं हेलमेट मैन के बारे में...

Raghvendra Singh Helmet Man Of India

Raghvendra Singh Helmet Man Of India: बाइक चलाते वक्त सड़क हो या फिर हाईवे और नेशनल हाईवे हेलमेट पहनना बहुत जरूरी है। चालान से बचने के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी जान बचाने के लिए। फिर भी कई लोग होते हैं, जो बिना हेलमेट के ही सड़क पर बाइक से फर्राटे भरते हुए देखे जा सकते है। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस-प्रशासन समय-समय अभियान चलाता रहता है। लेकिन, एक शख्स और है जो ऐसे लोगों को फ्री हेलमेट देकर जागरूक करने का काम करता है। उस शख्स का नाम हैं राघवेंद्र कुमार सिंह। आइए जानते हैं राघवेंद्र कुमार सिंह के हेलमेट मैन बनने की कहानी के बारे में...

हेलमेट मैन के नाम से मशहूर हैं राघवेंद्र सिंह
मूलत: बिहार के कैमूर जिले के रहने वाले राघवेंद्र कुमार सिंह 'हेलमेट मैन' और 'हेलमेट मैन ऑफ इंडिया' के नाम से मशहूर हैं। पिछले काफी लंबे वक्त से राघवेंद्र सिंह रोड सेफ्टी को लेकर काम कर रहे हैं। हेलमेट मैन के नाम से चर्चित राघवेंद्र सिंह बतात हैं कि साल 2014 में अपने जिगरी दोस्त को बाइक हादसे में खो दिया था। इस हादसे का उनके ऊपर इतना असर पड़ा कि वो अब लोगों को जगह-जगह सड़कों पर खड़े होकर फ्री में हेलमेट बाटते है। राघवेंद्र बताते है कि इस हादसे के बाद मैंने प्रण लिया था कि हेलमेट के न होने की वजह से किसी और मां की गोद सूनी ना हो।

फ्री में लोगों को देते हैं हेलमेट
राघवेंद्र सिंह, उन लोगों को फ्री में हेलमेट देते हैं, जो सड़क या हाईवे पर बिना हेलमेट लगाए चलते हुए उन्हें दिखाई देते है। इतना ही नहीं, राघवेंद्र ऐसे लोगों को भी हेलमेट देते है, जिनका हाल ही में चालान कटा हो। चालान जमा की रसीद दिखाने पर ही वह लोगों को हेलमेट देते हैं। इसके साथ ही वह जरूरतमंद व्यक्ति का 5 लाख का एक्सिडेंटल इंश्योरेंस भी करवाते हैं, जिसके एवज में वह मात्र एक हजार रुपये लेते हैं। बदले में लोगों को रसीद देते हैं। राघवेंद्र की मानें तो वह कई हजार लोगों को फ्री में हेलमेट दे चुके हैं। वो हर शहर में जाकर 10 दिन बिताते हैं और उन दस दिनों में जरूरतमंदों को हेलमेट बांटते हैं।

सड़क हादसे में खोया था दोस्त को
हेलमेट मैन राघवेंद्र की मानें तो उनके दोस्त कृष्ण की मृत्यु साल 2014 में सड़क हादसे में हुई थी। वो अपने मां-बाप का इकलौती संतान था और वो मेरा काफी अच्छा दोस्त था। सड़क हादसे में अपने दोस्त को खोने के बाद मुझे लगा कि इतना पैसा खर्च करके कोई बच्चे को बाइक देता है। लेकिन, एक हेलमेट नहीं होने की वजह से किसी की मौत हो जाती है, इसलिए इस अभियान से मैं जुड़ा। मैं प्रतिदिन आने-जाने वालों की चेकिंग करता हूं और जो हेलमेट नहीं लगाए रहते हैं उन्हें हेलमेट देता हूं।

नौकरी छोड़ने और मिशन पूरा करने के लिए बेचना पड़ा था मकान
राघवेंद्र की मानें तो लोगों को 'हेलमेट' बांटने के इस मिशन को पूरा करना बिल्कुल भी आसान नहीं था। नौकरी छोड़ देने के बाद जब हेलमेट खरीदने के लिए उन्हें रुपयों की जरूरत पड़ी तो उन्होंने अपना मकान तक बेच डाला। यही नहीं, इस मिशन में उनकी पत्नी ने उनका साथ देते हुए अपने कीमती गहने भी बेच दिए। हेलमेट बांटने के अलावा राघवेंद्र सिंह गरीब और मेधावी छात्रों के बीच पुस्तकों का वितरण भी करते रहते हैं।

राघवेंद्र ने लखनऊ एक्सप्रेसवे का शेयर किया वीडियो
हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार सिंह ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है। जिसमें वो खुद हेलमेट पहनकर लखनऊ हाईवे पर कार चला रहा है। इस दौरान एक बाइक सवार युवक बिना हेलमेट उनसे आग चला जाता है। इस दौरान वो अपनी कार की स्पीड बढाकर बाइक सवार युवक को रोकते हैं और हेलमेट पहनाते है। इस दौरान राघवेंद्र सिंह उस समझाते है कि एक्सप्रेस-वे पर बिना हेलमेट के बाइक चलाना कितना खतरनाक होता है। इस का वीडियो भी राघवेंद्र ने अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया है।

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    राघवेंद्र ट्वीट करते हुए कही ये बात
    वीडियो शेयर करते हुए राघवेंद्र ने लिखा, 'अपनी कार की रफ्तार 100 से ऊपर नहीं ले जाता, लेकिन लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक व्यक्ति जब मुझे ओवरटेक किया तो मैं दंग रह गया। बिना हेलमेट उसकी रफ्तार हमसे ज्यादा थी। उसे सुरक्षा कवच हेलमेट देने के लिए 100 से ऊपर अपनी गाड़ी को भगाना पड़ा। अंत में उसे पकड़ ही लिया।'

    पहले आप भी एक वीडियो देखिए...

    जिस शख्स को इस राघवेंद्र ने मदद की है, वह इटावा जिले का रहने वाला है। उनका नाम निखिल तिवारी है।

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