Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Kapsad Case: 3 साल में उतरा Paras-Ruby के इश्क का भूत? अब चीख रहे- 'मैं बेकसूर', तमंचा सटा कर क्या-क्या हुआ?

Meerut Kapsad Ruby Case: मेरठ के कपसाड़ गांव में एक दलित परिवार की जिंदगी में आया तूफान अब थमने लगा है। 8 जनवरी 2026 को शुरू हुए इस हाई-प्रोफाइल केस में, युवक पारस सोम पर 50 साल की महिला सुनीता जाटव की हत्या और उनकी 20 साल की बेटी रूबी का अपहरण का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट्स में इसे 'लव अफेयर' का एंगल दिया गया है, जहां पारस और रूबी के बीच कथित तौर पर 3 साल से रिश्ता था। लेकिन रूबी के कोर्ट स्टेटमेंट में अपहरण और जबरदस्ती का जिक्र है।

10 जनवरी को पुलिस ने पारस को गिरफ्तार कर रूबी को रेस्क्यू किया। दो दिन की काउंसलिंग के बाद 12 जनवरी की रात रूबी घर लौटी, जबकि पारस 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल में है। पारस खुद को बेकसूर और नाबालिग बता रहा है। आइए, टाइमलाइन, फैक्ट्स, विवादों और अपडेट्स के साथ इस केस की गहराई में उतरते हैं। ये Explainer पुलिस रिपोर्ट्स, कोर्ट डॉक्यूमेंट्स और मीडिया कवरेज पर आधारित है...

Meerut Kapsad Ruby Case

Meerut Kapsad Case: अपहरण, हत्या और जातीय एंगल

मेरठ जिले के सरधना थाना क्षेत्र में कपसाड़ गांव एक शांत जगह थी, लेकिन 8 जनवरी 2026 की सुबह यहां खौफनाक वारदात हुई। गांव के ही रहने वाले पारस सोम (23, ठाकुर समुदाय से) ने कथित तौर पर दलित परिवार की सुनीता जाटव (50 दलित समुदाय से) पर धारदार हथियार से हमला किया। वजह? सुनीता अपनी बेटी रूबी (20) को पारस से बचाने की कोशिश कर रही थीं। पारस ने सुनीता के सिर पर वार किया, जिससे उनकी मौत हो गई। फिर रूबी का अपहरण कर लिया।

मीडिया में इस केस को 'इश्कबाजी' का नाम दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पारस और रूबी के बीच 3 साल से रिलेशनशिप थी, लेकिन परिवार की असहमति के चलते टकराव हुआ। हालांकि, रूबी के स्टेटमेंट में जबरदस्ती और धमकी का जिक्र है। जातीय टेंशन भी जुड़ी, क्योंकि रूबी दलित है और पारस ठाकुर। गांव में तनाव फैल गया, पुलिस ने भारी फोर्स तैनात की। FIR में IPC की धाराएं 302 (हत्या), 364 (अपहरण) और SC/ST एक्ट शामिल हैं।

Meerut Kapsad Ruby Case Timeline: 8 जनवरी से 13 जनवरी तक क्या-क्या हुआ?

  • 8 जनवरी 2026 (सुबह 8 बजे): पारस सोम घर में घुसा, रूबी को ले जाने की कोशिश की। सुनीता ने विरोध किया तो फरसे से हमला। सुनीता की मौत, रूबी का अपहरण। पारस फरार।
  • 9 जनवरी: पुलिस सर्च ऑपरेशन शुरू। गांव में तनाव, दलित समुदाय ने प्रदर्शन।
  • 10 जनवरी (देर शाम): सहारनपुर से पारस गिरफ्तार, रूबी रेस्क्यू। रूबी को आशा ज्योति वन स्टॉप सेंटर (मेरठ मेडिकल कॉलेज) भेजा गया।
  • 11 जनवरी: ACJM कोर्ट में धारा 164 के तहत रूबी के बयान दर्ज। रूबी ने पारस पर अपहरण और मां की हत्या का आरोप लगाया। काउंसलिंग जारी।
  • 12 जनवरी (रात 8 बजे): दो दिन की काउंसलिंग पूरी। रूबी को परिवार के हवाले, पुलिस एस्कॉर्ट में घर भेजा। घर के चारों तरफ CCTV लगाए गए।
  • 13 जनवरी (अपडेट): पारस जेल में, कोई वकील या परिवार नहीं मिला। रूबी घर पर सुरक्षित।

Meerut Kapsad Ruby Story: दर्द, बयान और घर वापसी

रूबी ने कोर्ट में बताया कि पारस ने तमंचे की नोंक पर अपहरण किया। 'पापा, मैं कितनी अभागी हूं, मां का आखिरी चेहरा भी नहीं देख पाई,'- ये शब्द रूबी के हैं, जब वो आशा ज्योति सेंटर में परिवार से मिली। पिता सतेंद्र, भाई नरसी और शिवम, बहन सर्वेश से लिपटकर रो पड़ी।

12 जनवरी की रात रूबी को घर भेजते वक्त चेहरा कवर किया गया - शॉल और कंबल से। लेकिन वायरल वीडियो में उसका वाइन कलर का गोटेदार सूट, मैचिंग नेलपेंट और रेड दुपट्टा दिखा, जो चर्चा का विषय बना। कुछ ने इसे 'शुभ कार्य' का प्रतीक बताया, जबकि अन्य ने अपहरण के दौरान 'आरामदायक' स्थिति पर सवाल उठाए। रूबी का भाई नरसी उसे गले लगाता नजर आया। अब रूबी घर पर है, पुलिस सुरक्षा में। घर पर CCTV कैमरे लगे हैं, किसी भी गतिविधि पर नजर।

Meerut Kapsad Paras Som Statement: 'बेकसूर' का दावा, जेल में अलग-थलग

पारस को स्पेशल CJM कोर्ट ने 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में मेरठ जिला जेल भेजा। जेल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि पारस मुलाहिजा बैरक में है, किसी से बात नहीं करता। खाना-पानी सामान्य, लेकिन कोई वकील या परिवार नहीं मिला। पारस खुद को नाबालिग बता रहा है, वकील कोर्ट में सबूत पेश करेगा। वो दावा करता है, 'मैं बेकसूर हूं,' लेकिन पुलिस के पास मजबूत सबूत हैं।

विवाद और सोशल मीडिया पर चर्चा: क्या है हिडन एंगल?

  • लव अफेयर का दावा: मीडिया में 3 साल की 'इश्कबाजी', लेकिन रूबी के बयान में जबरदस्ती। जातीय विभेद पर बहस।
  • रूबी का लुक: सूट, नेलपेंट पर सोशल मीडिया में सवाल - अपहरण के दौरान 'तैयार' क्यों? क्या सहमति थी?
  • पुलिस की भूमिका: रेस्क्यू तेज, लेकिन शुरुआती देरी पर आलोचना। दलित समुदाय ने SC/ST एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई मांगी।
  • जातीय टेंशन: ठाकुर vs दलित, गांव में पुलिस तैनात।

आगे क्या? जांच और संभावित ट्विस्ट

केस की जांच सरधना CO आशुतोष कुमार कर रहे हैं। पारस पर हत्या, अपहरण और SC/ST एक्ट के आरोप। अगर नाबालिग साबित हुआ, तो जुवेनाइल कोर्ट शिफ्ट। रूबी की सुरक्षा पर फोकस, CCTV और पुलिस गश्त। दलित संगठनों ने न्याय की मांग की है। 13 जनवरी 2026 तक कोई नया अपडेट नहीं, लेकिन केस हाई-प्रोफाइल है - मीडिया की नजरें टिकी हैं। क्या लव अफेयर था या जबरदस्ती? जांच बताएगी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+