Mahakumbh Stampede: 7 लेयर सुरक्षा के बावजूद महाकुंभ में भगदड़ कैसे मची? कहां थीं NSG, ATS और NDRF की टीमें?
Mahakumbh Mela 2025 Stampede: प्रयागराज महाकुंभ 2025 में मौनी अमावस्या के दूसरे अमृत स्नान के दौरान 29 जनवरी की सुबह 4 बजे भारी भीड़ उमड़ने से भगदड़ मच गई। इस हादसे में 15 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दर्जनों श्रद्धालु घायल हुए, जिससे पूरा मेला क्षेत्र चीख-पुकार और अफरातफरी से भर गया।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। घटना के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, एक बम निरोधक दस्ते की टीम एक डॉग स्क्वाड टीम के साथ क्षेत्र की नियमित जांच कर रही है। लेकिन सवाल उठता है कि 7 लेयर सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?

7 लेयर सुरक्षा फिर भी भगदड़ क्यों?
महाकुंभ 2025 को अब तक का सबसे सुरक्षित आयोजन बताया जा रहा था। प्रशासन ने 10 ज़ोन, 25 सेक्टर, 56 पुलिस स्टेशन और 155 चौकियों में सुरक्षा की व्यवस्था की थी। फिर भी भगदड़ जैसी घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
1. सुरक्षा बलों की भारी तैनाती फिर भी चूक!
- 40,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी (पुलिस, होमगार्ड और साइबर एक्सपर्ट) 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात।
- NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड), ATS (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड), NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) जैसी एलीट सुरक्षा टीमें तैनात।
- 2700+ AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कैमरे हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं।
- MI-7 हेलीकॉप्टर और 113 अंडरवाटर ड्रोन भीड़ और जलमार्गों की निगरानी कर रहे थे। फिर भी भीड़ बेकाबू कैसे हो गई?
2. ड्रोन और AI कैमरे फेल क्यों हुए?
- 2,700 AI कैमरों की निगरानी में भी भगदड़ क्यों नहीं रोकी जा सकी?
- 113 अंडरवाटर ड्रोन जलमार्गों की निगरानी कर रहे थे, लेकिन भगदड़ के बाद बचाव कार्य धीमा क्यों हुआ?
- ड्रोन और हवाई निगरानी के बावजूद भीड़ नियंत्रण क्यों नहीं किया गया?
3. VIP मूवमेंट ने बढ़ाई मुश्किलें?
- सरकार ने 'नो व्हीकल-नो VIP जोन' घोषित किया था।
- लेकिन भगदड़ के दौरान VIP मूवमेंट देखी गई, जिससे भीड़ का दबाव बढ़ा।
- VIP सुरक्षा के कारण आम श्रद्धालुओं को ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
4.ICU वॉटर एंबुलेंस क्या फेल हुई?
- आईसीयू सुविधा वाली एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर और वेंटिलेटर होने के बावजूद, घायलों को समय पर मेडिकल मदद नहीं मिल पाई।
- जलमार्ग से अस्पताल पहुंचाने की योजना थी, लेकिन बचाव कार्य धीमा रहा।
- NDRF की टीमें मौजूद थीं, फिर भी भगदड़ के घायलों को तुरंत राहत क्यों नहीं दी गई?
कैसे मची भगदड़?
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हम संगम में स्नान कर रहे थे, तभी अचानक भीड़ बेकाबू हो गई। लोग चीख रहे थे, लेकिन कोई नहीं रुका। दूसरे ने बताया कि लोग एक-दूसरे को कुचलते हुए आगे बढ़ रहे थे, हम सांस भी नहीं ले पा रहे थे।
अब सवाल यह है...
- 40,000 सुरक्षाकर्मी तैनात थे, फिर भी भगदड़ कैसे हुई?
- 2700 AI कैमरों और ड्रोन की निगरानी के बावजूद भीड़ नियंत्रण क्यों नहीं किया गया?
- NDRF, NSG, ATS की टीमें कहां थीं? वे समय पर राहत देने क्यों नहीं पहुंचीं?
- VIP मूवमेंट को क्यों नहीं रोका गया?












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