Magh Mela 2026: पौष पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, त्रिवेणी संगम पर 19 लाख लोगों ने लगाई डुबकी
Magh Mela 2026: प्रयागराज में शनिवार, 3 जनवरी से माघ मेला 2026 की शुरुआत हो गई है। माघ मेले का पहला और महत्वपूर्ण स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के रूप में मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर संगम नगरी प्रयागराज में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
दोपहर 2 बजे तक करीब 19 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में पुण्य की डुबकी लगाई, जबकि प्रशासन का अनुमान है कि पहले दिन कुल 25 से 30 लाख श्रद्धालु स्नान करेंगे।

त्रिवेणी संगम पर महाकुंभ जैसा नजारा
पौष पूर्णिमा के साथ शुरू हुए माघ मेले में त्रिवेणी संगम पर महाकुंभ जैसी भीड़ देखने को मिल रही है। सुबह से ही संगम तट पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सुबह 9 बजे तक ही 7 लाख से ज्यादा लोग स्नान कर चुके थे। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
महाकुंभ 2025 की तर्ज पर व्यवस्थाएं
इस बार माघ मेला महाकुंभ 2025 की तर्ज पर नई और आधुनिक व्यवस्थाओं के साथ आयोजित किया गया है। मेला क्षेत्र का विस्तार किया गया है और गंगा नदी पर बनाए जाने वाले पांटून पुलों की संख्या में इजाफा किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम हो सके। प्रशासन का अनुमान है कि पूरे माघ मेला अवधि में 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच सकते हैं, इसी को ध्यान में रखते हुए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पौष पूर्णिमा के अवसर पर माघ मेले की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए श्रद्धालुओं को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि माघ मेला आस्था, परंपरा और सनातन संस्कृति का प्रतीक है और सरकार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
पहली बार कई नई सुविधाएं
- माघ मेला 2026 में इस बार कई नई व्यवस्थाएं पहली बार देखने को मिल रही हैं।
- पहली बार माघ मेला का आधिकारिक लोगो जारी किया गया है।
- श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बाइक टैक्सी जैसी सेवाएं शुरू की गई हैं, जिससे लोग संगम के करीब तक आसानी से पहुंच सकें।
मेला क्षेत्र में बिजली के पोल पर QR कोड लगाए गए हैं। इन क्यूआर कोड को स्कैन कर श्रद्धालु अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रशासन का दावा है कि शिकायत मिलने के कुछ ही मिनटों में मदद पहुंचाई जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस, पीएसी और अन्य सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
डेढ़ महीने तक चलेगा माघ मेला
गौरतलब है कि माघ मेला करीब डेढ़ महीने तक चलेगा। इस दौरान कई प्रमुख स्नान पर्व पड़ेंगे, जिन पर श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। पौष पूर्णिमा के साथ शुरू हुआ यह धार्मिक आयोजन आस्था, संस्कृति और परंपरा का संगम बन गया है। प्रयागराज में शुरू हुआ माघ मेला 2026 पहले ही दिन ऐतिहासिक भीड़ और नई व्यवस्थाओं के चलते चर्चा का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में संगम नगरी में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की पूरी उम्मीद है।












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