Lok Sabha Chunav: मैनपुरी में BJP संघमित्रा मौर्य को दे सकती है टिकट, क्या डिंपल यादव के खिलाफ लड़ेंगी चुनाव?

Lok Sabha Chunav Mainpuri Seat: बीजेपी ने अभी तक यूपी की प्रतिष्ठित सीट मैनपुरी से अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। यहां समाजवादी पार्टी से सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की पत्नी और मौजूदा सांसद डिंपल यादव को प्रत्याशी बनाया गया है। चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी बदायूं से अपनी मौजूदा सांसद संघमित्रा मौर्य को यहां से टिकट दे सकती है।

बीजेपी ने बदायूं सीट से उम्मीदवार की घोषणा की है, लेकिन यहां से संघमित्रा मौर्य का टिकट कट गया है। जब बदायूं में पार्टी ने उनकी जगह दुर्विजय सिंह शाक्य को उतारा तो लगा कि संघमित्रा को अपने पिता और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के विवादित बयानों की कीमत चुकानी पड़ी है।

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मैनपुरी से बीजेपी संघमित्रा मौर्य को दे सकती है टिकट
लेकिन, अब सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार बीजेपी संघमित्रा मौर्य को मैनपुरी से टिकट दे सकती है। जानकारी के मुताबिक पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश कमेटी से उनकी रिपोर्ट मांगी है। 2019 के चुनाव में भाजपा ने यहां से सपा के संस्थापक और डिंपल के ससुर मुलायम सिंह यादव के खिलाफ प्रेम सिंह शाक्य को टिकट दिया था।

मौर्य बनी उम्मीदवार तो डिंपल की बढ़ सकती है चुनौती
पिछले लोकसभा चुनावों में मुलायम को मैनपुरी में 53.66% वोट मिले थे। जबकि, बीजेपी प्रत्याशी प्रेम सिंह शाक्य के 44.01% वोट आए थे।

हो सकता है कि मौर्य की उम्मीदवारी से डिंपल की चुनौती बढ़ सकती है। क्योंकि, वह भी महिला हैं, इस वजह से डिंपल के खिलाफ किसी पुरुष उम्मीदवार के मुकाबले वह ज्यादा प्रभावी साबित हो सकती हैं।

उपचुनाव में भारी मतों के अंतर से जीती थीं डिंपल यादव
मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद मैनपुरी सीट खाली हुई थी और दिसंबर, 2022 में यहां उपचुनाव में सपा से डिंपल यादव चुनाव जीती थीं। तब उन्हें यहां पर 6,18,120 वोट मिले थे। जबकि, बीजेपी उम्मीदवार रघुराज सिंह शाक्य को सिर्फ 3,29,659 वोट ही मिल पाए थे। माना जाता है कि डिंपल को मुलायम के लिए सहानुभूति वोट का भी फायदा मिला था।

डिंपल के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए तैयार होंगी संघमित्रा मौर्य?
वैसे, एक सवाल यह भी उठाए जा रहे हैं कि क्या संघमित्रा, डिंपल यादव के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार होंगी? लेकिन, उनके पास इनकार करने का भी विकल्प नहीं रहेगा और तब उन्हें दूसरा रास्ता भी देखना पड़ सकता है! उनके पिता स्वामी प्रसाद मौर्य बीजेपी छोड़ने के बाद समाजवादी पार्टी में ही गए थे और कुछ महीने पहले ही सपा से अलग होकर उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाई है।

अपर्णा यादव के भी इनकार करने की आ रही है बात
चर्चा है कि इस सीट के लिए पहले मुलायम की छोटी बहू अपर्णा यादव की भी बीजेपी से उम्मीदवारी की बात आ रही थी। लेकिन, कहा जा रहा है कि उन्होंने क्षेत्र के लोगों और परिवार के बड़े-बुजुर्गों की सलाह पर अपनी जेठानी के खिलाफ चुनावी दांव खेलने से मना कर दिया।

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