Lakhimpur Khiri में अंबेडकर मूर्ति टूटने पर बवाल, आगजनी-पथराव, CO की गाड़ी तोड़ी, महिला को पीटा
Lakhimpur Kheri Ambedkar Statue Row Reason: : अंबेडकर जयंती यानी 14 अप्रैल को ही डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति टूटने से यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में भारी बवाल मच गया। गोला गोकर्ण थाना क्षेत्र के बांकेगंज में मोतीपुर गांव में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को तनावग्रस्त कर दिया। गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, सीओ रमेश तिवारी और तहसीलदार की गाड़ियों समेत कई सरकारी वाहनों को पलट दिया और एक गाड़ी में आग लगा दी।
भीड़ ने एक महिला (चंदा देवी) को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। पुलिस ने किसी तरह घेरा बनाकर महिला की जान बचाई और उसे अस्पताल पहुंचाया। आखिर क्यों हुआ इतना विकराल बवाल?

क्या है विवाद की पूरी जड़?
मामला मोतीपुर गांव का है। यहां कई साल से खाली पड़ी बौद्ध विहार की सरकारी भूमि पर मंगलवार (14 अप्रैल) दोपहर करीब 12 बजे गांव वालों ने अंबेडकर की मूर्ति स्थापित कर दी। ग्राम प्रधान वीरेंद्र गौतम कार्यक्रम में मौजूद थे, लेकिन वे चले जाने के बाद मूर्ति लगाई गई। शाम करीब 4 बजे बांकेगंज की रहने वाली चंदा देवी पुलिस को साथ लेकर पहुंचीं। उन्होंने बिना अनुमति मूर्ति लगाने का विरोध किया। मौके पर मौजूद महिलाओं ने इसका विरोध किया। पुलिस ने मूर्ति हटाने का प्रयास किया, इसी दौरान छीना-झपटी हुई और मूर्ति टूट गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस घटना से भड़की भीड़ ने चंदा देवी पर हमला कर दिया। पुलिस ने घेरा बनाकर उन्हें बचाया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। सीओ गोला, तहसीलदार और चौकी इंचार्ज संसारपुर की गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। कुछ गाड़ियां बीच सड़क पर पलट दी गईं और एक गाड़ी में आग लगा दी गई।
क्या कहती है पुलिस?
अपर पुलिस अधीक्षक (ASP-पश्चिमी) अमित कुमार राय ने कहा कि आज बांकेगंज में अंबेडकर जयंती पर कार्यक्रम था। कुछ लोगों ने मूर्ति स्थापित करने का प्रयास किया। पुलिस ने रोकने की कोशिश की। कुछ लोगों ने पुलिस से झड़प कर पथराव किया। पुलिस ने तुरंत लोगों को समझाया और उपद्रवियों को खदेड़ दिया। मौजूदा समय में मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि मूर्ति स्थापित करने के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी और इसे विवादित सरकारी भूमि पर रखा गया था।
घटना क्यों बिगड़ी? एक नजर में समझें...
- गांव वालों ने बिना किसी लिखित परमिशन के सरकारी/बौद्ध विहार की खाली भूमि पर मूर्ति लगाई। अंबेडकर जयंती के दिन यह संवेदनशील मुद्दा बन गया।
- छोटी छीना-झपटी मूर्ति टूटने और लाठीचार्ज के आरोप में बदल गई। एक महिला की पिटाई ने पूरे गांव को भड़का दिया।
- सीओ, तहसीलदार और चौकी इंचार्ज की गाड़ियों को निशाना बनाया जाना दिखाता है कि गुस्सा प्रशासन के खिलाफ था।
- लखीमपुर खीरी पहले भी साम्प्रदायिक और जातीय तनाव के लिए चर्चा में रहा है। अंबेडकर जयंती पर मूर्ति टूटना भावनाओं को आहत करने वाला था।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के अलावा भारी अतिरिक्त फोर्स मौके पर पहुंच गई है। प्रशासन, पुलिस, ग्राम प्रधान और ग्रामीणों के बीच बातचीत जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति है। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।












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