लखीमपुर कांड: मृतक किसानों की "अंतिम अरदास" से पहले सरकार अलर्ट, जानिए 20 आईपीएस अधिकारियों की तैनाती का राज
लखनऊ, 11 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 3 अक्टूबर को हुई हिंसा को देखते हुए किसान यूनियनों की संस्था संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने 18 अक्टूबर को 'रेल रोको' आंदोलन का आह्वान किया है। इससे पहले हिंसा में मारे गए आठ लोगों में से चार किसानों की अंतिम अरदास मंगलवार को लखीमपुर खीरी में होगी। इस कार्यक्रम में हजारों किसानों के पहुंचने की आशंका है। इसको देखते हुए सरकार भी लखीमपुर खीरी सहित पूरे पश्चिमी यूपी में अलर्ट मोड में है। सरकार को डर है कि उनकी एक चूक से पश्चिमी यूपी का माहौल बिगड़ सकता है। इसीलिए किसी तरह की स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने पश्चिमी यूपी में 20 आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया है।

संयुक्त किसान मोर्चा ने खीरी में मारे गए चार किसानों के 'अंतिम अरदास' अनुष्ठान को तिकोनिया में 12 अक्टूबर को 'शहीद किसान दिवस' के रूप में मनाने का आह्वान किया है। उन्होंने लोगों से मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों और गुरुद्वारों में प्रार्थना सभा आयोजित करने की भी अपील की। इसके अलावा, 18 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक पूरे देश में 'रेल रोको' विरोध का आयोजन किया जाएगा। किसानों के राष्ट्रव्यापी विरोध में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के दशहरे पर 15 अक्टूबर को पुतले भी जलाए जाएंगे।
अरदास में 50 हजार किसानों के एकत्र होने की आशंका
एसकेएम, बीकेयू और बीएसएस के बैनर तले तिकोनिया में अंतिम अरदास का आयोजन किया जा रहा है। मंच की साज-सज्जा से लेकर लंगर वितरण तक पूरा प्रबंधन- हमारे स्वयंसेवक युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं, जिसे सफल बनाने के लिए हम प्रयास कर रहे हैं। बैठक सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगी। मुख्य रूप से आसपास के जिलों, पीलीभीत, सीतापुर, बहराइच और लखीमपुर खीरी के लगभग 50,000 किसान कल यहां प्रार्थना सभा में शामिल होंगे। इसके अलावा, अन्य राज्यों के किसानों के भी भाग लेने की उम्मीद है।

पश्चिमी यूपी में अलर्ट पर रहेगी पुलिस, साजिश की आशंका
उत्तर प्रदेश सरकार ने लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत के विरोध में 18 अक्टूबर को किसानों द्वारा आहूत राष्ट्रव्यापी बंद के मद्देनजर संवेदनशील जिलों के नोडल प्रमुख के रूप में 20 आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है। अधिकारी किसानों तक पहुंचेंगे और उन्हें आंदोलन में शामिल होने से रोकेंगे। राज्य में सभी अधिकारियों की 18 अक्टूबर तक की छुट्टी रद्द कर दी गई है। जिन गांवों में प्रमुख किसान नेताओं की मौजूदगी है, वहां वरिष्ठ अधिकारी मिलेंगे और संवाद स्थापित करेंगे।
20 आईपीएस अधिकारियों की तैनाती
20 आईपीएस अधिकारियों में एडीजी लखनऊ जोन एस.एन. सबत व आईजी लखनऊ रेंज लक्ष्मी सिंह। दोनों लखीमपुर खीरी में डेरा डालेंगे। बहराइच में गोरखपुर जोन के एडीजी अखिल कुमार, डीआईजी देवीपाटन राकेश सिंह व पुलिस अधीक्षक (एसपी) बरेली आशुतोष शुक्ला तैनात रहेंगे। मेरठ रेंज के महानिरीक्षक प्रवीण कुमार गाजियाबाद में तैनात रहेंगे। डीआईजी रेलवे सत्येंद्र कुमार सिंह शामली में रहेंगे। पीलीभीत में आईजी बरेली रेंज रामित शर्मा, एसपी यूपी 112, अजय पाल और डीजीपी मुख्यालय से एएसपी अनिल कुमार झा तैनात रहेंगे।
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डीआईजी ईओडब्ल्यू हीरालाल को मुजफ्फरनगर में कैंप करने और डीआईजी विजिलेंस एल.आर. कुमार अमरोहा में रहेंगे। शाहजहांपुर में डीआईजी रविशंकर छब्बी और एएसपी राम सुरेश को प्रतिनियुक्त किया गया है। लखीमपुर में 3 अक्टूबर की घटना में मारे गए किसानों की 'एंटी अरदास' होने पर मंगलवार को विशेष सुरक्षा उपाय किए गए हैं। मृत्यु के बाद की रस्में सामूहिक रूप से बड़े पैमाने पर आयोजित की जा रही हैं और कई जिलों के किसानों के इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है।












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