खूबसूरत एयरहॉस्टेस वाली फ्लाइट में बैठाकर किया किडनैप, नाजुक अंगों को किया टॉर्चर
फेसबुक के जरिए ऐसी रची जाती थी किडनैपिंग और टॉर्चर की कहानी
वाराणसी। क्राइम ब्रांच, साइबर क्राइम और कोलकाता पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन के तहत पश्चिम बंगाल से दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। जो फेसबुक पर चैटिंग के जरिए कनाडा, यूएसए, गल्फ देशों समेत विदेश के कई जगहों पर अच्छे पैकेज में नौकरी दिलवाने के नाम से लोगों को किडनैप कर लिया करते थे। पकड़े गए दोनों आरोपी सोमुद आलम और सुब्रॉतो अधिकारी कोलकाता के रहने वाले हैं। इनकी बहुत बड़ी टीम है जो किडनैप किए लोगों को उल्टा लटकाकर बेसबॉल के बैट से मारकर फिरौती के लिए टॉर्चर किया करते थे, गैंग के बाकी सदस्य फरार है।

कहीं आपने तो एक्सेप्ट नहीं की ना इनकी फ्रेंड रिक्वेस्ट
इन बदमाशों की चंगुल से छूटे एक शिकायतकर्ता प्रकाश पटेल ने ये बात बताई। पीड़ित ने बताया कि रूम पर पहुंचते ही उसके हाथ-पैर बांध दिए गए। विरोध करने पर उसे उल्टा लटकाकर बेस बाल के बैट से मारा गया, मुंह में कपडा ठूस दिया जाता था। नाजुक अंगों पर बैट से मारते और पिस्टल की नोक पर घर वालों से बात करने के पहले पूरी स्क्रिप्ट देते थे। कनाडा के लोकेशन, एटमॉस्फेयर और तमाम चीजों का डीटेल होता था। ठीक से बात न करने पर लात घूसों से मारते थे, कहते थे नाखून उखाड़ लिया जाएगा। सात दिनों तक हमें एक साथ रखा गया। खाने में केवल चाय बिस्कुट पाव रोटी देते थे। दूसरे शिकायतकर्ता नरेश मोदी ने बताया कि 24 घंटे कमरे में टीवी चालू रखते थे और अल्टरनेट किडनैपर ड्यूटी देते थे।

फेसबुक के जरिए ऐसी रची जाती थी किडनैपिंग और टॉर्चर की कहानी
एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया पूरा सिंडिकेट मुंबई, गुजरात, कलकत्ता, अहमदाबाद, लखनऊ और वाराणसी समेत कई लोग हवाला के जरिए करोड़ों वसूल चूके हैं। शिकायतकर्ता नरेश मोदी और प्रकाश पटेल, जो अहमदाबाद के रहने वाले हैं, उन्हें कुछ दिनों पहले ही इस गैंग ने फेसबुक के जरिए इनसे चैटिंग कर दोनों से फ्रेंडशिप की। धीरे-धीरे अमन नाम के शख्स ने इन्हें कनाडा में 70 हजार मंथली पैकेज पर नौकरी का झांसा दिया। जिसके लिए दोनों लोगों को दिल्ली बुलाया गया। वहां कहा गया पैसा, नौकरी मिलने के बाद दीजिएगा और 7-7 लाख की बात पर डील तय हो गई। इसके बाद बदमाशों ने दो दिनों तक अपने खर्च पर उनका होटल में जमकर स्वागत किया। तीसरे दिन नरेश मोदी और प्रकाश पटेल को किडनैपरों ने अपने खर्चे पर खूबसूरत एयरहॉस्टेस वाली फ्लाइट से वाराणसी भेज दिया।

कनाडा के नंबरों का किया जाता था इस्तेमाल
एयरपोर्ट पर लग्जरी कार से नरेश मोदी और प्रकाश पटेल को रिसीव किया गया। तब तक दोनों को नहीं मालूम था कि असली साजिश शुरू हो चुकी है। दोनों को बनारस में पहाड़िया स्थित एक अंजान मकान में रखा गया। हाथ पांव मुंह बांधकर कुर्सी के सहारे छोड़ दिया गया। घर वालों से बकायदे शुरू में पिस्टल लगाकर दोनों को कनाडा के नंबर से बात कराते थे। पांचवे दिन घर वालों को दिल्ली बुलाकर 14 लाख रुपए भी ले लिए गए। सातवें दिन नशीली कोल्डड्रिंक पिलाकर और काला चश्मा पहनाकर नरेश मोदी और प्रकाश पटेल को बनारस की सड़कों पर छोड़ दिया गया।

ऐसे चढ़े अपराधी पुलिस के हत्थे
एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि हमें ऐसे शख्स की तलाश थी, जो इनका फेसबुक पर अगला शिकार हो। नरेश मोदी और प्रकाश पटेल के जरिए हमें अहमदाबाद के रहने वाले राजेश पटेल का नाम पता चला। जो फेसबुक पर गैंग के संपर्क में था। राजेश के जरिए हम लोग इंटरनेशनल फ्रॉड गैंग तक पहुंचे और कलकत्ता पहुंचकर टीम ने आरोपी सोमुद आलम और सुब्रॉतो अधिकारी को गिरफ्तार किया।












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