स्वामी प्रसाद मौर्य के फिर बिगड़े बोल, कहा- 'कारसेवकों पर नहीं अराजक तत्वों पर चली थी गोली... '
Swami Prasad Maurya on Kar Sevak: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर कुछ ऐसा कहा है, जिस पर बवाल मच सकता है।

उन्होंने कासगंज में आयोजित बौद्ध जन जागरूकता सम्मेलन को संबोधत करते हुए 'कारसेवकों पर गोली चलाने की घटना को सही ठहराया है और तो और ये भी कहा कि तत्कालीन मुलायम सरकार ने जो किया वो सही थी, उसमें कुछ भी गलत नहीं।'
'अराजक तत्वों पर उस समय गोलियां चलवाई थी...'
उन्होंने कहा कि 'तत्कालीन सपा सरकार ने शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए अराजक तत्वों पर उस समय गोलियां चलवाई थी, उसमें कुछ भी गलत नहीं था, ये सब कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया गया था, वो कार सेवक नहीं बल्कि अराजक तत्व थे।'
'मंदिर का निर्माण तो सर्वोच्च अदालत के आदेश पर हो रहा'
मौर्या यही नहीं रूके उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि 'वो राम मंदिर बनवाने का श्रेय ले रही है, जबकि मंदिर का निर्माण तो सर्वोच्च अदालत के आदेश पर हो रहा है ना कि बीजेपी के आदेश पर, जबकि सच्चाई यह है कि वो मुख्य मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है।'
'कारसेवकों पर गोली चलाना गलत नहीं था'
स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा कि 'कारसेवकों को रोकने के लिए गोली नहीं चलाई गई थी बल्कि वो लोग अराजक तत्व थे जो देश में माहौल खराब करना चाहते थे, इसलिए उन्हें रोकने के लिए सरकार ने ये कदम उठाया था , सरकार ने अपना कर्तव्य निभाया था, उसमें कुछ भी गलत नहीं था।'
असल मुद्दों से ध्यान भटका रही है बीजेपी
उन्होंने कहा कि 'आज देश में बेरोजगारी बढ़ रही है, महंगाई चरम पर है लेकिन बीजेपी इन सारी बातों को अनदेखा करके राम मंदिर पर सबका ध्यान खींच रही है और वाहवाही लूटने में लगी है। आपको बता दें कि ये कोई पहला मौका नहीं है जब स्वामी प्रसाद मौर्या ने इस तरह का विवादित बयान दिया है, इससे पहले भी कई मौकों पर उनके बोल बिगड़े हैं।
हिंदू नाम का कोई धर्म नहीं है: स्वामी प्रसाद मौर्य
इससे पहले उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा था कि, ' हिंदू नाम का कोई धर्म नहीं है, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर भी तंज कसा था, उन्होंने कहा था कि ये दोनों खुद ही बोलते हैं कि हिंदू कोई धर्म नहीं है।'
'उनकी विचारधारा तुष्टीकरण पर आधारित है'
'लेकिन जब ये लोग ऐसे बयान देते हैं तो किसी की भावनाएं आहत नहीं होतीं लेकिन अगर स्वामी प्रसाद मौर्य यही कहते हैं तो हंगामा मच जाता है, उनकी विचारधारा तुष्टीकरण पर आधारित है और यह वोट के लिए किया जाता है, वो पहले भी ऐसा करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे।'












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