IPS Vijay Kumar: अपराधियों की जाति व धर्म देखकर निशाना नहीं बनाती यूपी पुलिस, जानिए क्या है DGP के दावे
यूपी के डीजीपी विजय कुमार ने साफतौर पर कहा है कि यूपी पुलिस जाति और धर्म देखकर अपराधियों पर कार्रवाई नहीं करती है।
UP DGP Vijay Kumar: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में बीजेपी सरकार बनने के बाद से ही विपक्ष इस बात को लेकर हमेशा हमलावर रहा है कि पुलिस अपराधियों को उनकी जाति और धर्म देखकर निशाना बना रही है। विपक्ष के इन आरोपों को लेकर यूपी के 1988 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विजय कुमार ने अपनी सफाई दी है।
विपक्ष के आरापों को किया खारिज
विजय कुमार ने अपराधियों को उनकी जाति और धर्म को ध्यान में रखते हुए चुनिंदा निशाना बनाने के विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने मारे गए माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन के अलावा अपराध और पुलिसिंग से जुड़े कई अन्य मुद्दों पर भी बात की।

जाति और धर्म नहीं देखती पुलिस
विपक्ष अक्सर यूपी पुलिस पर जाति और धर्म को ध्यान में रखकर चुनिंदा माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाता है। इसका जवाब देते हुए विजय कुमार ने कहा, मैं पिछले कामकाज पर टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन हर आपराधिक माफिया के खिलाफ उसकी जाति या धर्म के बारे में दोबारा विचार किए बिना कार्रवाई की जाएगी। एक पुलिसकर्मी के रूप में, हर माफिया मेरे लिए अपराधी है।
अपराधियों एवं माफियाओं पर कार्रवाई एक सतत प्रक्रिया
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार द्वारा तैयार की गई 69 शीर्ष अपराधियों की सूची में शामिल सभी लोगों को पकड़ने की कोई डेडलाइन तय की गई है, इसपर उन्होंने कहा कि नहीं, इसके लिए कोई निश्चित समय-सीमा नहीं है। आपराधिक तत्वों और माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई एक सतत प्रक्रिया है और पिछले कुछ वर्षों से ऐसा किया जा रहा है। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि यह और अधिक आक्रामक तरीके से जारी रहे।'
अपराधियों के खिलाफ मामलों में तेजी के आदेश
अपराधियों को मुठभेड़ों में मार गिराना क्या पुलिस की विशेष रणनीति का हिस्सा है इसपर विजय कुमार ने कहा कि, कोई विशेष रणनीति नहीं है, लेकिन मेरा ध्यान उन्हें अदालत के माध्यम से दोषी ठहराने और दंडित कराने पर है। जिसके लिए हमने 'ऑपरेशन कनविक्शन' शुरू किया है, जिसमें प्रत्येक जिला पुलिस प्रमुख को माफियाओं के खिलाफ मामलों की निगरानी तेज करने और उनके खिलाफ अदालती कार्यवाही में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।
शाइस्ता व गुड्डृ मुस्लिम को लेकर गंभीर
वर्तमान में मोस्ट वांटेड अपराधियों में मारे गए माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन और गुड्डु मुस्लिम अभी तक फरार हैं। क्या यूपी पुलिस उनकी गिरफ्तारी को लेकर गंभीर नहीं है? इसको लेकर यूपी के डीजीपी ने कहा कि, नहीं बिलकुल नहीं। हम उनकी गिरफ्तारी को लेकर भी उतने ही गंभीर हैं जितना अन्य आपराधिक माफियाओं और गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर। उनका पता लगाने और गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं और उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विपक्ष सरकार पर लगाता रहा है पक्षपात का आरोप
गौरतलब है कि देश के सबसे बड़े सूबे यूपी में विपक्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमेशा यह आरोप लगाता रहा है कि यूपी पुलिस जाति और धर्म देखकर अपराधियों को टारगेट कर रही है। विधानसभा में विपक्ष के नेता और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस की तरफ से कई बार इस तरह के आरोप सरकार पर लगाए जा चुके हैं। लेकिन सरकार भी हमेशा विपक्ष के इन आरोपों को खारिज करती रही है।












Click it and Unblock the Notifications