उंगलियां सपाट हो जाने से नहीं बन पा रहा आधार, वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों की पेंशन बंद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बरेली में एक वृद्धाश्रम के बुजुर्गों का कहना है कि आधार कार्ड ना होनो का वजह से उनको मिलने वाली पेंशन बंदस कर दी गई है। बुजुर्गों का कहना है कि बुढापे के चलते उनकी उंगलियां सपाट हो गई हैं और इस वजह से मशीन उनकी उंगलियों को ट्रेस ही नहीं करती हैं। इस वजह से उनका आधार नहीं बन पा रहा है। यहां रहने वाले वीरवति का कहना है कि आधार ना होने की वजह से उन्हें कोई मदद नहीं मिल पा रही है। वो कहती है कि उनके पास कोई कागजात नहीं है और यहां रहने के अलावा कोई चारा भी नहीं है, ऐसे में उनकी मदद ना रोकी जाए।

मेरठ में भी इसी तरह का मामला
उत्तर प्रदेश में बरेली के अलावा मेरठ में भी इसी तरह का मामला सामने आया है। मेरठ के वृद्धाश्रम में रहने वाले 49 वृद्धों और बरेली के 40 वृद्धों को पेंशन न मिलने से वे परेशान हैं। बरेली के समाज कल्याण अधिकारी का कहना है कि नियम यह है कि कई सीनियर सिटिजन ऐसे हैं जिनकी उंगलियां लंबे समय तक मजदूरी करने के कारण घिस गई हैं। ऐसे सीनियर सिटिजन्स की बायोमेट्रिक जांच नहीं हो पा रही है।

सरकार ने पेशन के लिए आधार कर दिया है अनिवार्य
गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 60 से 79 की उम्र के सीनियर सिटिजन को 400 रुपए महीने और 80 से ऊपर की उम्र के बुजुर्गों को 500 रुपए महीने पेंशन मिलती है। सरकार ने इसके लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। जिससे बहुत से बुजुर्गों को दिक्कत हो रही है।

दवा वगैरह को चाहिए बुजुर्गों को पेंशन
वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों का कहना है कि वृद्धाश्रम में उन लोगों को खाना मिल जाता है। बिजली, पानी और कुछ दवाओं की व्यवस्था हो जाती है लेकिन कई दवाएं ऐसी हैं जो वृद्धाश्रम से उपलब्ध नहीं कराई जातीं। उन्हें दवाओं के लिए रुपए की जरूरत होती है और फिर दूसरी भी कई जरूरतें हैं, जिनके लिए पेंशन जरूरी है।












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