नवजात बच्ची को झाड़ियों में फेंका, कुत्ते नोंच रहे थे कि बुजुर्ग ने जिंदा बचाया
कन्नौज। यूपी में कन्नौज जिले की तिर्वा तहसील के सामने स्थित मंदिर के पास झाड़ियों में नवजात लावारिस हालत में पड़ी मिली। रोने की आवाज सुनकर राहगीरों ने उसे उठाया। इससे वहां पर काफी भीड़ जुट गई। तीन घंटे पंचायत के बाद उसको अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। इस बीच नवजात बच्ची सरकारी दावपेंचो के बीच फंसकर 5 घंटो तक इलाज से दूर रही।

झाड़ी से नवजात की आई रोने की आवाज
आपको बताते चलें कि कन्नौज जिले की तिर्वा तहसील के सामने स्थित शिव मंदिर के पास हरिहरपुर गांव के बाहर झाड़ियों में नवजात की रोने की आवाज पर कई राहगीर इकट्ठे हो गए। बचाव के लिए लोगों ने झाड़ियों से उठा उसे गर्म कपड़े पहनाए। मामले की जानकारी जरा देर में आसपास क्षेत्र में फैल गई। इससे ग्रामीणों की भारी भीड़ लग गई। लोगों में बच्ची के पालन-पोषण को लेकर पंचायत शुरू हो गई। मामले की जानकारी पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची।

अस्पताल में बच्ची
बच्ची की हालत बिगड़ती देख जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बच्ची को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं रहीं। कोई लड़की होने के कारण फेंकने की चर्चा करता रहा तो कोई लोगों की संवेदनाएं मरने का हवाला देता दिखाई पड़ा। कोतवाली प्रभारी अमर पाल सिंह ने बताया कि अभी तक बच्ची किसी को सौंपी नहीं गई है। उसको बच्ची दी जाएगी, जो बेहतर ढंग से पालन-पोषण कर सके।

बुजुर्ग ने बचायी नवजात की जान
यहां शौच के लिए गए बुजुर्ग को झाड़ियों में एक नवजात बच्ची दिखाई पड़ी तो वहां मौजूद कुत्ते बच्ची को नोचकर खाने का प्रयास कर रहे थे। बच्ची को बचाने वाले बुजुर्ग की माने तो वह सुबह 8 बजे तालाब किनारे शौच के लिए गया था, उसी वक्त झाड़ियों में कुछ कुत्ते कपड़े को खींच रहे थ। तभी बच्चे की रोने की आवाज आयी इस पर जब उसने देखा तो उसके होश उड़ गए। उसने वहां से कुत्तों को भगाकर बच्ची को बचाया। इतना ही नहीं उसने बच्ची को अपनी बहू को दिया और बहू ने भी उसको अपना दूध पिलाया। बुजुर्ग ने पुलिस को सुचना देकर पूरी घटना के बारे में बताया। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल न भिजवाकर सरकारी दावपेंच में तीन घंटों तक उलझाये रखा।












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