UP में छात्रों तक वास्तविक लाभ पहुंचाने की कवायद में जुटी Yogi सरकार, आधार कार्ड को लेकर फंसा पेंच
लखनऊ, 15 सितंबर: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक छात्रों तक पहुंचे, उत्तर प्रदेश सरकार ने नए आदेश जारी कर अधिकारियों से सरकारी स्कूलों के छात्रों के आधार कार्ड के सत्यापन में तेजी लाने को कहा है। अब तक 1.25 करोड़ स्कूली बच्चों का आधार सत्यापन पूरा हो चुका है। बेसिक शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद की माने तो अब तक 1.25 करोड़ से अधिक स्कूली बच्चों के आधार नंबरों का सत्यापन किया जा चुका है, जबकि शेष बच्चों के आधार सत्यापन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

दरअसल उत्तर प्रदेश सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में यूनिफॉर्म, जूते-चप्पल, स्कूल बैग और स्टेशनरी की खरीद के लिए प्रति छात्र 1,200 रुपये दिए हैं। छात्रों के माता-पिता के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए गए हैं।
अभी लगभग 2 करोड़ बच्चों का होना है सत्यापन
आनंद ने कहा कि इस योजना के तहत 1.92 करोड़ बच्चों के आधार नंबर का सत्यापन किया जाना है। 1.25 करोड़ बच्चों के आधार सत्यापन का काम पूरा होने के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस महीने की शुरुआत में राशि उनके माता-पिता के खातों में स्थानांतरित कर दी थी। जल्द ही शेष छात्रों का पैसा भी जारी किया जाएगा।
अभिभावकों के बैंक खातों को लिंक करने की कोशिश
उन्होंने कहा कि जिन अभिभावकों के बैंक खातों को आधार कार्ड से लिंक नहीं किया गया है, उनके अभिभावकों को प्रेरित करने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि छात्रों तक इसका लाभ पहुंच सके. इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट, मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिले के सभी बैंकरों की बैठक बुलाकर उन्हें जल्द से जल्द माता-पिता के बैंक खातों को आधार संख्या से जोड़ने का निर्देश दिया जाए।
बीएसए को पकड़ाया गया टास्क
अधिकारियों ने कहा कि कि यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि कोई भी बच्चा इस योजना से वंचित न रहे। इन विवरणों का सत्यापन किया जा रहा है ताकि पात्र बच्चों को डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) प्रक्रिया में शामिल किया जा सके। इसके लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और प्रखंड शिक्षा अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है।
पांच महीने के बाद भी किताबों के इंतजार में बच्चे
दरअसल उत्तर प्रदेश में नए सत्र शैक्षणिक सत्र के पांच महीने बीतने के बाद भी राज्य भर के कई सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र अब भी किताबों का इंतजार कर रहे हैं। अप्रैल में सत्र शुरू होने के बावजूद किताबों के नए सेट इनमें से कई स्कूलों तक नहीं पहुंचे हैं जिनसे बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि नई कैबिनेट को कुछ निर्णय लेने थे जिसकी वजह से इसमें देरी हो रही है लेकिन इसको लेकर प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही किताबें बच्चों को मुहैया करा दी जाएंगी।












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