पीएम नरेंद्र मोदी के पक्ष में मुस्लिम महिला ने रैली निकाली, पति ने मारपीट कर दिया तलाक

बरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में रैली निकालना एक महिला को खासा महंगा साबित हुआ है। गुस्साए पति ने पहले तो महिला को जमकर पीटा और उसके बाद तीन तलाक देकर एक साल के मासूम बेटे के साथ घर से निकाल दिया। जब महिला न्याय के लिए थाने में पहुंची तो पुलिस ने पीड़िता की नहीं सुनी जिसके बाद पीड़िता अधिवक्ता के जरिये न्यायालय की शरण में पहुंची है।

न्याय के लिए भटक रही महिला

न्याय के लिए भटक रही महिला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की लाख कोशिशों के बाद भी महिलाओं को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। मामला उत्तरा प्रदेश के बरेली जिले से है जहां एक महिला ने तीन तलाक पर सरकार के कानून बनाने की खुशी जाहिर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में रैली निकाली तो बौखलाए उसके पति ने पहले महिला को जमकर पीटा और फिर उसको तीन तलाक देकर घर से बाहर निकाल दिया। महिला को एक साल का लड़का भी है वह दोनों रातभर बाहर बैठे रहे। जब इसकी भनक उसके मायके पक्ष को लगी न्याय की गुहार लगाने थाने जा पहुंचे मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद पीड़ित न्याय के लिए अधिवक्ता से मिली है।

फरहत नकवी के साथ मिलकर निकाली थी रैली

फरहत नकवी के साथ मिलकर निकाली थी रैली

बरेली के थाना किला छेत्र के मोहल्ला इंग्लिश गंज निवासी सायरा ने मेरा हक फाउंडेशन के तत्वाधान में केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नकवी की बहन फरहत नकवी के साथ मिलकर तमाम महिलाओं के साथ तीन तलाक पर बन रहे कानून के पक्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक रैली निकाली थी जिसमें प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए तीन तलाक पर सख्त से सख्त कानून बनाने की मांग करते हुए गुजरात में नरेंद्र मोदी के लिए मुस्लिम महिलाओं से वोट मांगने की अपील की गई थी।

पुलिस ने पीड़िता को भगाया

पुलिस ने पीड़िता को भगाया

रैली के समाप्त होने के बाद जब महिला घर पहुंची तो उसके पति दानिश खान ने मोदी के पक्ष में रैली निकलने के लिए पहले तो उसको जमकर पीटा और तीन तलाक देकर उसके एक साल के मासूम के साथ घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद पीड़िता रातभर दरवाजे पर बैठी रही जब सुबह मायके वाले पहुंचे।

अदालत की शरण में पीड़िता

अदालत की शरण में पीड़िता

उसके पति को समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माना जिसके बाद पीड़िता ने थाने में न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने भी उसका साथ नहीं दिया और थाने से भगा दिया जिसके बाद पीड़िता ने अपने अधिवक्ता से बात कर न्यायालय की शरण लेने की बात कही है।

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