मनी लॉन्ड्रिंग मामला: 13 अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश होंगे वीरभद्र सिंह

ED की ओर से सम्मन जारी होते ही उनके विरोधी भी यहां सक्रिय हो गए हैं। हिमाचल कांग्रेस के भीतर उनके उत्तराधिकारी को लेकर भी खोजबीन शुरू हो गई है। खुद वीरभद्र सिंह बदले हालातों से परेशान नजर आने लगे हैं।

शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 13 अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश होंगे। ईडी ने वीरभद्र सिंह को पूछताछ के लिए हाजिर होने का सम्मन जारी किया है। हालांकि इससे पहले वो सीबीआई की पूछताछ से भी बचते रहे हैं। लेकिन अबकी बार हालात बदले हैं। दरअसल किसी बड़े झमेले से बचने के लिए ही अब वीरभद्र सिंह की ओर से ईडी के समक्ष पेश होने का फैसला लिया गया है। जिसके चलते अब वीरभद्र सिंह दिल्ली जा रहे हैं।

मनी लांडरिंग मामला: 13 अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश होंगे वीरभद्र सिंह

हालांकि मंगलवार को उनका कांगड़ा जाने का भी कार्यक्रम है। ईडी की ओर से सम्मन जारी होते ही उनके विरोधी भी यहां सक्रिय हो गए हैं। हिमाचल कांग्रेस के भीतर उनके उत्तराधिकारी को लेकर भी खोजबीन शुरू हो गई है। खुद वीरभद्र सिंह व उनके सर्मथक बदले हालातों से परेशान नजर आने लगे हैं। राजनीतिक सरगर्मियों के बीच वीरभद्र सिंह पर इस्तीफा देने का दवाब भी बढ़ने लगा है। दरअसल खुद के पाक साफ होने का दावा करने वाले हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को इन दिनों हर तरफ से मायूसी ही झेलनी पड़ रही है। कानूनी शिकंजे में बुरी तरह फंसे वीरभद्र सिंह को अपनी लड़ाई खुद ही लडऩी पड़ रही है। उनकी सरकार के कबीना मंत्री तो उनके सर्मथन में कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। यही वजह है की वीरभद्र सिंह पर दवाब बढ़ रहा है। ईडी के सम्मन जारी होने के बाद तो सब सांसत में हैं।

दरअसल ईडी इस मामले में वीरभद्र सिंह के बयान दर्ज करना चाहती है, इसके लिए उन्हें 13 अप्रैल को पूछताछ में शामिल होने का नोटिस दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक ईडी के अधिकारी आय से ज्यादा सपंत्ति के मामले में सीएम से पूछताछ करेंगे। इससे पहले 1 अक्टूबर को विक्रमादित्य सिंह से ईडी ने दिल्ली में करीब 8 घंटे व सीएम की पत्नी प्रतिभा सिंह से भी पूछताछ कर चुकी है। ईडी इस मामले में वीरभद्र सिंह के बयान दर्ज करना चाहती है। कुछ और लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है।

वहीं इस मामले में गिरफ्तार चल रहे एलआईसी एजेंट आनंद चौहान की दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी है। जाहिर है की सीएम वीरभद्र सिंह की कथित संलिप्तता वाले आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच और कोर्ट में सुनवाई का दौर जारी है। आनंद चौहान को बीते साल 9 जुलाई को ईडी ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। चौहान पर जांच में ईडी के साथ सहयोग न करने, सम्मन न लेने और भूमिगत रहने के आरोप हैं। सीएम वीरभद्र सिंह की कथित संलिप्तता वाले आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच और कोर्ट में सुनवाई के दौर जारी है।

जाहिर है कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वीरभद्र सिंह व उनके पारिवारिक सदस्यों ने चौहान से 6 करोड़ से अधिक की बीमा पॉलिसी ली थी। उन्हें 9 जुलाई को चंडीगढ़ से ईडी ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। चौहान पर जांच में ईडी के साथ सहयोग न करने, सम्मन न लेने और भूमिगत रहने के आरोप हैं। चौहान ही सीएम के सेब बागीचों की देखभाल करते थे और सेब बेचने का करार भी उनके साथ ही था। कोर्ट ने चौहान की जमानत याचिका को कुछ महीने पहले भी खारिज कर दिया था।

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