मरने से पहले वो पुलिस को दे गया सुराग, अपने खून से फर्श पर लिख दिया ये...

इसी कारण से उन्हें गोदाम के ऊपर ही एक पर्सनल रूम दिया गया था। उस दिन भी वो कैश मिलाने के लिए कंपनी के दिए हुए उसी रूम में रुके हुए थे।

वाराणसी। वाराणसी के परेड कोड़ी इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब लोगों को जानकारी हुई कि कॉलगेट कंपनी में कैशियर अशोक गुप्ता की किसी ने हत्या कर दी। मरने से पहले मृतक अशोक ने अपने ही खून से कातिल के राज खोल दिए। अशोक ने मरते वक्त अपने खून से ही हत्यारे का नाम लिख दिया। अशोक को मारने वाला कोई और नहीं बल्कि वहीं का एक कर्मचारी विकास है जो संदिग्ध बना हुआ है। आखिर विकास ने कैशियर की हत्या क्यों की है? इस पूरे मामले पर कंपनी के सुरक्षा गार्ड गंगाराम की कार्यप्रणाली को देखते हुए पुलिस ने उसे हिरासत में लिया है और पूछताछ कर रही है। क्योंकि जब से हत्या हुई उस वक्त भी गंगाराम ड्यूटी पर तैनात था। जबकि इस हत्याकांड को अंजाम देने वाला विकास फरार हो गया है और अपने साथ सीसीटीवी की फुटेज भी लेकर भाग निकला हैं।

मरने से पहले वो पुलिस को दे गया सुराग, अपने खून से फर्श पर लिख दिया ये...
मरने से पहले वो पुलिस को दे गया सुराग, अपने खून से फर्श पर लिख दिया ये...

मरा समझकर निकल गया कातिल पर बची भी अशोक की सांसे

रात में गेटकीपर गंगा राम ने मैनेजर राकेश को फोन पर सूचना दी कि गोदाम का गेट खुला है। राकेश के कहने पर भी गंगा राम ने अंदर जाकर स्थिति को नहीं देखा। 100 नंबर पर राकेश ने पुलिस को सूचना दिया और मालिक कमल अरोड़ा को लेकर गोदाम पहुंचे। वहां अशोक गुप्ता की लाश पड़ी थी और खून से विकास लिखा था। कमल ने बताया कि विकास कंपनी का पुराना स्टाफ है और माल को गोदाम में रखवाने का काम देखता है। वहीं पुलिस ने बताया की घटना रात करीब 2 से 2.30 बजे के करीब की हैं। यही नहीं थाना अध्यक्ष सिगरा ने बताया कि अशोक की हत्या पहले धारदार हथियार से की गई और उसके बाद उसके सिर को दीवार से जोर से लड़ाया गया है। आपने मंसूबों को कामयाब समझकर कातिल आसानी से वहां से निकल गया लेकिन अशोक की सांसे बची हुई थी और उसने फर्श पर कातिल का नाम लिख दिया। फिलहाल खून से लिखे हुए नाम से अशोक की हैंडराइटिंग मिलाई जा रही है।

मरने से पहले वो पुलिस को दे गया सुराग, अपने खून से फर्श पर लिख दिया ये...
मरने से पहले वो पुलिस को दे गया सुराग, अपने खून से फर्श पर लिख दिया ये...

कंपनी के नाम पर यहीं होता था ठहरना

वहीं इस घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हैं। मृतक अशोक गुप्ता की पत्नी शशि ने पुलिस को बताया की कंपनी के कैशियर का काम करने के कारण उनके ऊपर अक्सर ही वर्क लोड ज्यादा होता था। इसी कारण से उन्हें गोदाम के ऊपर ही एक पर्सनल रूम दिया गया था। उस दिन भी वो कैश मिलाने के लिए कंपनी के दिए हुए उसी रूम में रुके हुए थे। मेरी बहन के पति ने उन्हें रात करीब 11 बजे किसी काम के लिए फोन किया था। तो उन्होंने कहा कि "काम कर रहा हूं, काम कर लूं फिर बात करता हूं।"

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