HDFC Vivad: 'वो जात पूछ रहा था', कर्मचारी आस्था सिंह ने बताया Viral Video का सच
Hdfc Staffer Aastha Singh Viral Video: कानपुर से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। एचडीएफसी (HDFC) बैंक की एक महिला कर्मचारी एक व्यक्ति के साथ तीखी बहस करती नजर आ रही हैं। इस वीडियो में महिला कर्मचारी को कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा और अपनी जाति का हवाला देते हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई।
अब इस मामले में संबंधित कर्मचारी, आस्था सिंह ने अपना पक्ष रखते हुए सफाई दी है। आइए जानतें हैं कर्मचारी ने क्या कहा और इस वायरल वीडियो की असली सच्चाई क्या है?

क्या है वायरल वीडियो में?
कानपुर के पनकी स्थित एचडीएफसी बैंक की शाखा का एक वीडियो 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर वायरल हुआ। वीडियो में बैंक कर्मचारी आस्था सिंह गुस्से में एक व्यक्ति की तरफ इशारा करते हुए चिल्ला रही हैं। उन्हें वीडियो में यह कहते सुना गया, 'ठाकुर हूं मैं', और वह व्यक्ति को उनसे न उलझने की चेतावनी दे रही थीं। इस बयान को सोशल मीडिया पर जातिगत पहचान के जरिए डराने-धमकाने के रूप में देखा गया और उनकी काफी आलोचना हुई।
आस्था सिंह की सफाई: 'ग्राहक नहीं, सहकर्मी का पति था
वीडियो पर बढ़ते विवाद के बीच आस्था सिंह ने एक स्पष्टीकरण वीडियो जारी किया है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए मुख्य रूप से तीन बिंदु सामने रखे:
- 1. पुराना वीडियो: उन्होंने स्पष्ट किया कि यह घटना हाल की नहीं बल्कि 6 जनवरी की है।
- 2. ग्राहक से विवाद नहीं: आस्था ने दावा किया कि उन्होंने किसी ग्राहक के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया है। यह बहस उनकी ही शाखा में काम करने वाली एक अन्य महिला कर्मचारी के पति के साथ हुई थी।
- 3. विवाद की जड़: उन्होंने बताया कि उनकी एक सहकर्मी ने इस्तीफा दिया था और वह उसी दिन कार्यमुक्त होना चाहती थीं। इस बात को लेकर सहकर्मी की ननद से उनकी मामूली बहस हुई थी, जिसने अपने भाई (सहकर्मी के पति) को फोन कर बुला लिया।
'मेरी जाति पूछी और सबक सिखाने की धमकी दी'
आस्था सिंह ने आरोप लगाया कि सहकर्मी का पति शाम 4:30 बजे बैंक में घुसा और उनके साथ बदतमीजी की। उन्होंने कहा, 'उसने सीधे मुझसे मेरी जाति पूछी और कहा कि तुममें बहुत घमंड है। वह मेरे डेस्क तक आया और मुझे सबक सिखाने की धमकी देते हुए कहा- 'मैं तुम्हारी सारी हेकड़ी और गर्मी निकाल दूंगा'।
आस्था ने स्वीकार किया कि उस समय उनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि, 'हां, मेरे शब्द गलत थे। मैं जानती हूं कि मैं पब्लिक सर्विस में हूं और मुझे सोच-समझकर बोलना चाहिए। लेकिन अगर कोई मुझे सबक सिखाने की धमकी देगा, तो मैं उसे बर्दाश्त नहीं करूंगी।'
जातिगत बयान पर अडिग
अपनी जाति का उल्लेख करने पर आस्था ने स्पष्ट कहा कि उन्हें अपनी पहचान पर गर्व है। उन्होंने अपने स्पष्टीकरण में अंत में कहा, 'मैं अपने बयान 'मैं ठाकुर हूं' पर कायम हूं और मुझे इस तथ्य पर गर्व है।' मैंने अपनी जाति सिर्फ़ इसलिए बताई क्योंकि मुझसे पूछा गया था। मैं ठाकुर हूं और मुझे इस पर गर्व है। बदकिस्मती से, इस मामले को अलग रंग दिया जा रहा है। जिस कलीग की मैं बात कर रही थी, वह ब्राह्मण है। मैं ज़रूर लीगल एक्शन लूंगी, क्योंकि इससे सोशल मीडिया पर मेरी इमेज खराब हुई है।'












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