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Harsha Richhariya फिर चर्चा में, सनातन यात्रा में अलीशा के माथे पर तिलक और चेहरे पर नकाब देख लोग हैरान!

Harsha Richhariya Yatra: सोमवार सुबह वृंदावन की पावन धरती से एक विशेष आध्यात्मिक यात्रा शुरू हुई। प्रयागराज महाकुंभ 2025 में चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने श्रद्धालुओं और संतों की मौजूदगी में वृंदावन से संभल तक 175 किलोमीटर लंबी पदयात्रा शुरू की।

बांके बिहारी मंदिर में जयकारों के बीच हर्षा ने जैसे ही यात्रा शुरू की, पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। पुष्प वर्षा के बीच श्रद्धालु उनके साथ चल रहे थे। इस यात्रा में हर कोई भावुक नजर आया, मानो कोई आध्यात्मिक उत्सव चल रहा हो।

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यह भी बता दें कि मंदिर दर्शन के दौरान भीड़ में हर्षा की चप्पल खो गई, लेकिन उन्होंने इसे बाधा नहीं माना। उन्होंने नंगे पैर पदयात्रा शुरू की, जिससे उनके दृढ़ संकल्प और आस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है।

चर्चा में आईं अलीशा

सनातन संस्कृति से जुड़ने की प्रेरणा बनी पदयात्रा इस विशेष पदयात्रा में मथुरा की अलीशा खान भी नजर आईं, जिन्होंने माथे पर तिलक और चेहरे पर मास्क पहनकर सनातन संस्कृति के प्रति अपनी बात रखी।

यह भी बता दें कि मीडिया से बातचीत में अलीशा ने बताया कि करीब 8 महीने पहले ही उसने प्रेम विवाह किया था और अब वह सनातन से जुड़कर अच्‍छा महसूस कर रही हैं और उन्‍हें खुशी मिल रही है।

अलीशा ने भावुक होते हुए कहा कि सनातन धर्म में महिलाओं को देवी का दर्जा दिया गया है, जबकि हमारे समाज में लड़कियों को हमेशा दबाया जाता है। यहां मुझे वो सम्मान मिला जिसकी मुझे हमेशा से चाहत थी।

युवाओं को धर्म से जोड़ना उद्देश्य

इधर, हर्षा रिछारिया का कहना है कि यह यात्रा सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि एक उद्देश्य से की जा रही है। बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य उन युवाओं को सनातन संस्कृति से जोड़ना है जो आज के समय में भटक गए हैं।

वृंदावन से शुरू होकर यह यात्रा 20 अप्रैल को संभल पहुंचेगी। इसके बाद 21 अप्रैल को समापन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें जगह-जगह कई संत और समाजसेवी भी हिस्सा लेंगे।

महिलाओं की भागीदारी बनी चर्चा का विषय

इस पदयात्रा की खास बात यह रही कि इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। हर उम्र की महिलाएं अपनी आस्था और भक्ति के साथ हर्षा के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही थीं।

महिलाओं ने कहा कि यह यात्रा उनके लिए सिर्फ आध्यात्मिक अनुभव नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मविश्वास की यात्रा है। कई महिलाओं ने पहली बार ऐसी धार्मिक यात्रा में भाग लिया और इसे जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव बताया।

इस यात्रा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही हैं। खासकर हर्षा रिछारिया और अलीशा खान की तस्वीरों को लोग खूब वायरल कर रहे हैं और कमेंट कर रहे हैं।

175 किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा को सिर्फ धार्मिक यात्रा के रूप में नहीं, बल्कि एक वैचारिक आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है। इस यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर धार्मिक संवाद, भजन एवं सत्संग का आयोजन किया जाएगा, जिससे लोगों को सनातन धर्म को समझने का अवसर मिलेगा।

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