Gyanvapi Masjid: जज अजय कृष्णा विश्वेशा को जानिए, जिन्हें अनुभवी मानकर SC ने सौंपी है जिम्मेदारी
वाराणसी, 23 मई: ज्ञानवापी मस्जिद विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी कोर्ट के सीनियर डिविजन जज रवि कुमार दिवाकर की अदालत से केस को जिला जज की अदालत में ट्रांसफर करने के आदेश में साफ कहा था कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि कोई अनुभवी जज ही इस संवेदनशील मामले की सुनवाई करे। सर्वोच्च अदालत के आदेश पर इस केस की सुनवाई सोमवार से वाराणसी के जिला जज अजय कृष्णा विश्वेशा कर रहे हैं। जाहिर है कि उनका लंबा अनुभव ही उन्हें इतने बड़े उत्तरदायित्व मिलने का कारण है। आइए जज अजय कृष्णा विश्वेशा के बारे में जानते हैं,जो इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं।

जज अजय कृष्णा विश्वेशा ने शुरू की सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक वाराणसी ज्ञानवापी मस्जिद मुकदमे से संबंधित सुनवाई सीनियर डिविजन के जज रवि कुमार की अदालत की जगह सोमवार से जिला जज अजय कृष्णा विश्वेशा के कोर्ट में शुरू हुई है। उन्हें हिंदू श्रद्धालुओं की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करनी है, साथ ही साथ मस्जिद का सर्वे कराने को लेकर सीनियर डिविजन कोर्ट के आदेश पर मुस्लिम पक्ष की आपत्ति पर भी विचार करना है। गौरतलब कि सीनियर डिविजन ने सर्वे के आधार पर ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वजू खाने में शिवलिंग के दावे के बाद उस स्थान को सील करने का आदेश भी दिया था, जिसपर सुप्रीम कोर्ट भी मुहर लगा चुका है।
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32 साल का है न्यायिक सेवा का अनुभव
वाराणसी के जिला जज डॉक्टर अजय कृष्णा विश्वेशा के पास न्यायिक सेवा में 32 साल का अनुभव है। जिला जज के तौर पर वाराणसी में नियुक्ति से पहले वे 4 और जिलों में जिला न्यायाधीश रह चुके हैं। लेकिन, न्यायिक सेवा में उनके करियर की शुरुआत 20 जून, 1990 को ही हुई थी, जब वे उत्तराखंड के कोटद्वार में मुंसिफ के पद पर नियुक्त हुए थे। इसके बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कई महत्वपूर्ण न्यायिक पदों पर रहते हुए वे पहली बार 2003 में आगरा में स्पेशल सीजेएम बने। एक साल बाद वे रामपुर के सीजेएम बने। एडीजे पद पर उनकी पहली नियुक्ति 2006 में इलाहाबाद में हुई। वह कुल 6 जिला अदालतों में इस पद पर रह चुके हैं, इसके अलावा उनकी कई अहम न्यायिक पदों पर भी नियुक्ति हो चुकी है।

5 जिलों के जिला न्यायाधीश रह चुके हैं
जिला जज के पद पर अजय कृष्णा विश्वेशा की पहली नियुक्ति 6 जून, 2018 को संभल में हुई। उसके बाद ये बदायूं, सीतापुर, बुलंदशहर और 21 अगस्त, 2021 से वाराणसी के जिला जज के पद पर आसीन हैं। इस दौरान 6 जनवरी, 2020 से 7 जुलाई, 2020 तक इनकी नियुक्ति इलाहाबाद हाई कोर्ट के स्पेशल विजिलेंस ऑफिसर के रूप में भी हो चुकी है।

हरिद्वार के रहने वाले हैं जिला जज अजय कृष्णा विश्वेशा
7 जनवरी, 1964 को जन्मे जज विश्वेशा मूलरूप से हरिद्वार के रहने वाले हैं, लेकिन इनका स्थाई पता कुरुक्षेत्र, हरियाणा का है। 58 वर्षीय अजय कृष्णा की अभी करीब दो साल की सेवा बची हुई है और 31 जनवरी, 2024 को उनकी रिटायरमेंट होने वाली है। इन्होंने बीएससी के अलावा एलएलबी और एलएलएम किया हुआ है। न्यायिक सेवा में रहते हुए अपने कार्य में खुद को बेहतर बनाए रखने के लिए उन्होंने कई ट्रेनिंग कोर्स भी किया है और पिछले मार्च में ही ये भोपाल स्थित नेशनल जुडिशियल एकैडमी से लीडरशिप कोर्स करके आए हैं।

वाराणसी जिला जज के पास क्या है मामला ?
वाराणसी जिला अदालत फिलहाल ज्ञानवापी मस्जिद मामले में तीन मुकदमों की सुनवाई कर रहा। इनमें से दो हिंदू पक्ष की ओर से दी गई है और एक मुस्लिम पक्ष की ओर से किया गया है। हिंदू पक्ष से मांग की गई है कि ज्ञानवापी परिसर में स्थित माता श्रृंगार गौरी की प्रतिदिन पूजा करने की अनुमति मिले। साथ ही वजू खाना में जो शिवलिंग मिलने का दावा किया गया है, उसकी पूजा की अनुमति भी दी जाए। शिवलिंग तक पहुंचने के लिए बीच में जो मलबा है, उसे हटाया जाए। शिवलिंग की लंबाई-चौड़ाई जानने के लिए सर्वे की जाए। वजू खाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। जबकि, मुस्लिम पक्ष की ओर से मांग की गई है कि वजू खाना की सीलिंग न हो। ज्ञानवापी सर्वे पर उपासना स्थल कानून, 1991 के तहत विचार हो।












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