स्वीटी के दोस्त नहीं फरिश्ता हैं ये 8 स्टूडेंट, बीच में छोड़ी Exam की तैयारी, दिला दी नई जिंदगी
ग्रेटर नोएडा में हाल में हुए हिट एंड रन केस में घायल बीटेक फाइनल ईयर की छात्रा स्वीटी के लिए उनके 8 क्लासमेट फरिश्ता बन गए। स्वीटी के इलाज के पैसे जुटाने के लिए उन्होंने दिन रात एक कर दी।

Greater Noida Hit and Run : एग्जाम की तैयारी के दौरान दोस्त अगर जिंदगी और मौत के बीच स्थितियों से गुजर रहा हो तो पढ़ाई में मन कैसे लग सकता है। और अगर बात ऐसे फ्रेंड्स की हो जो दोस्ती के मायने अच्छी तरीके से जानते हों तो स्थिति कुछ अगल ही दिखती है। ग्रेटर नोएडा सड़क दुर्घटना में बुरी तरह से घायल हुई स्वीटी की जिंदगी बचा पाना डॉक्टर्स के लिए मुश्किल हो गया था। ऊपर से इलाज के खर्च का दबाव। ऐसे में एक समय ऐसा आया कि लगा की अब तो स्वीटी का बचना संभव ही नहीं। ऐसे में स्वीटी के फ्रेंड्स ने किसी भी कीमत पर अपने दोस्त को बचाने की ठानी। उन्होंने इलाज के लिए 40 लाख जुटाने में दिन रात एक कर दिया।

दोस्तों ने जुटाए 40 लाख
स्वीटी की हालत खराब होती जा रही थी। ऐसे में उसे जल्द उचित ट्रीटमेंट की जरूरत थी। ऑपरेशन में आने वाला खर्च उठाने की परिवार के पास क्षमता नहीं थी। ऐसे में स्वीटी के 8 दोस्त मणि त्रिपाठी, करण पांडे, आदर्श सिंह, राज श्रीवास्तव, अनुभव यादव, राजमणि, चंदन सिंह, शुभम और प्रतीक ने वो काम किया जो दोस्ती के लिए मिशाल बन गई। सभी ने मिलकर तब तक प्रयास जारी रखा जब तक उनके हाथ में स्वीटी के इलाज का पूरा पैसा नहीं आ गया। इसके लिए उन्हें लगातार 10 दिन का प्रयास करना पड़ा। तब कहीं जाकर 40 लाख रुपए इकट्ठा हो पाए।

स्वीटी के हालत में सुधार
ग्रेटर नोएडा के अल्फा-2 हिट एंड रन केस में गंभीर रूप से घायल बीटेक फाइनल ईयर की छात्रा स्वीटी की हालत अब सुधर रही है। वो अब होश में हैं और आईसीयू से जनरल वॉर्ड में शिफ्ट हो चुकी है। ये दुर्घटना सेक्टर डेल्टा टू के पास हुई थी। हादसे के बाद कैलाश अस्पताल में स्वीटी बार-बार बेहोश हो रही थी। उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई थी। स्वीटी की हालत को देखते हुए नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह की पहल पर कमिश्नरेट के सभी पुलिसकर्मी स्वीटी के इलाज के लिए एक दिन का अपना वेतन दान किया। जिसके बाद आगे के इलाज के लिए उनके ग्रुप के 8 स्टूडेंट सामने आए।

फरिश्ता बने 8 फ्रेंड
स्वीटी की हालत में सुधार देख उनके पिता भावुक हो जाते हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि बेटी की हालत इतनी गंभीर थी उसे बचा पाना मुश्किल था। आर्थिक तंगी के कारण महंगा इलाज करा पाना संभव नहीं था। नोएडा पुलिस और स्वीटी के कॉलेज के आठ दोस्त उसके लिए फरिश्ता बनकर आए। उन्होंने इलाज का पूरा खर्च जुटा लिया। स्वीटी के पिता ने अपनी बेटी की इस नई जिंदगी के लिए नोएडा पुलिस और उनके दोस्त मणि त्रिपाठी, करण पांडे, आदर्श सिंह, राज श्रीवास्तव, अनुभव यादव, राजमणि, चंदन सिंह, शुभम और प्रतीक को दिल से दुआएं दी हैं।

नोएडा पुलिस ने दी 1 दिन की सैलरी
स्वीटी के इलाज में नोएडा पुलिस और डॉक्टरों के साथ सबसे बड़ा रोल उनके 8 फ्रेंड्स का है, जिन्होंने 40 लाख जुटाने के लिए अपने एग्जाम की तैयारियों की भी परवाह नहीं की। नोएडा पुलिस ने अपनी एक दिन की सैलरी दी। दोस्तों ने स्वीटी के इलाज के लिए बाकी पैसा जुटाने में सोशल मीडिया की मदद ली। वॉट्सऐप ग्रुप, टि्वटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्वीटी की फोटो और उसके पिता का अकाउंट नंबर वायरल किया। इसके अलावा उन्होंने अपने अन्य फ्रेंडस् से भी संपर्क किया। कुछ कॉलेज से भी मदद ली। इलाज शुरू करन के लिए एक लाख रुपए जमा किए गए। आशीर्वाद मणि त्रिपाठी और स्वीटी के अन्य दोस्तों ने कहा कि वो उनकी क्लासमेट होने के साथ अच्छी दोस्त है। उन्होंने कहा कि स्वीटी की जान खतरे में देख सिर्फ दोस्ती का फर्ज निभाया है।
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