Ram Mandir में बनना चाहते हैं पुजारी तो आपके सामने है ये बड़ा सुनहरा मौक़ा, ट्रस्ट ने उठाया ये बड़ा कदम
Shriram Janambhumi Trust: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण तेजी से चल रहा है। इसका शुभारंभ अगले साल जनवरी में होना है। इसको लेकर श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट की तरफ से तैयारियां चल रही हैं। इसी बीच ट्रस्ट ने रामलला का अर्चक बनने के इच्छुक लोगों के लिए एक अधिसूचना जारी की है। यदि कोई राम मंदिर से जुड़ना चाहता है तो उसे इस प्रक्रिया से गुजरना होगा।

श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से यह अधिसूचना जारी की गई है जिसमें कहा गया है किसभी उम्मीदवारों को एक प्रवेश परीक्षा देनी होगी। सफल उम्मीदवारों को अंतिम चयन से पहले छह महीने के प्रशिक्षण से गुजरना होगा
अयोध्या में राम मंदिर के भव्य उद्घाटन के साथ, श्री राम जन्मभूमि तीरथ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम लला के लिए अर्चकों (पुजारियों) की नियुक्ति के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक अधिसूचना जारी की है। केवल वही अभ्यर्थी जिन्हें प्रमाण पत्र जारी किया गया है, अंतिम चयन के लिए चयन समिति के समक्ष उपस्थित हो सकेंगे।
इच्छुक लोग, जिनकी आयु 20 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए, वे अधिकतम 31 अक्टूबर तक ट्रस्ट को अपना आवेदन ई-मेल करके आवेदन कर सकते हैं। अयोध्या क्षेत्र में रहने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ट्रस्ट ने प्रवेश परीक्षा लेने का निर्णय लिया है। परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों को छह महीने के प्रशिक्षण से गुजरना होगा। ट्रस्ट के मुताबिक, प्रशिक्षण अवधि के दौरान उम्मीदवारों को प्रति माह 2,000 रुपये का वजीफा दिया जाएगा। उन्हें भोजन और आवास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा, एक और मानदंड यह है कि आवेदकों को कम से कम छह महीने के लिए रामानंदी परंपरा में दीक्षा लेनी चाहिए, उन्होंने कहा कि उन्हें शिक्षा की गुरुकुल प्रणाली में अध्ययन करना चाहिए।
ट्रस्ट सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने वाले उम्मीदवारों को प्रमाण पत्र जारी करेगा। केवल वही अभ्यर्थी जिन्हें प्रमाण पत्र जारी किया गया है, अंतिम चयन के लिए चयन समिति के समक्ष उपस्थित हो सकेंगे।
ट्रस्ट ने भगवान के अभिषेक समारोह और भविष्य में सभी धार्मिक आयोजनों से संबंधित मामलों की देखभाल के लिए श्री राम सेवा विधि विधान समिति का गठन करने का भी निर्णय लिया है। समिति धार्मिक ग्रंथ तैयार करेगी जिसके अनुसार रामलला की दैनिक पूजा-अर्चना की जाएगी।












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