Ghosi By-Election: क्यों 34 राउंड की जगह सिर्फ 33 राउंड हुई वोटों की गिनती?
घोसी विधानसभा उपचुनाव के नतीजे शुक्रवार को आ गए, जहां बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा। इस उपचुनाव के नतीजों से जुड़ी सारी डिटेल भी चुनाव आयोग ने जारी कर दी है।
वैसे तो घोसी में कुल 34 राउंड की मतगणना होनी थी, लेकिन सिर्फ 33 राउंड ही हुए। ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल है कि आखिर एक राउंड की गणना कम क्यों की गई है। हालांकि इसका जवाब भी सामने आ गया है।

दरअसल 34वां राउंड (आखिरी राउंड) आरक्षित रहता है। अगर वोटों का अंतर ज्यादा रहता है, तो इसको नहीं किया आ जाता। मान लीजिए दोनों प्रत्याशियों में वोट का अंतर सिर्फ 100 या 50 है, तो वो आरक्षित राउंड की मांग कर सकते हैं।
आरक्षित राउंड में प्रत्याशी कोई एक राउंड बता सकता है, जिसमें उसको गलती का शक हो। उसकी मांग पर आरक्षित राउंड की काउंटिंग की जाती है। उदाहरण के तौर पर किसी प्रत्याशी ने ये दावा किया कि 15वां राउंड सही से नहीं गिना गया, तो आरक्षित राउंड के तहत वोटों की गिनती फिर से होगी। इसके अलावा वैलेट पेपर की भी गणना की जाएगी।
किसे कितना वोट मिला?
समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सुधाकर सिंह को 124427 वोट मिले, जबकि दारा सिंह चौहान ने 81668 वोट हासिल किए। हार का अंतर बहुत ज्यादा था, इस वजह से 34वां राउंड नहीं किया गया।
हॉट सीट बन गई थी घोसी
आपको बता दें कि दारा सिंह चौहान पहले बीजेपी में थे। पार्टी के टिकट पर उन्होंने 2017 का विधानसभा चुनाव घोसी से जीता था। बाद में उनको योगी सरकार में मंत्री बनाया गया। हालांकि 2022 के चुनाव से पहले उनका ह्रदय परिवर्तन हुआ और वो सपा में चले गए।
सपा ने भी उन पर भरोसा जताया और घोसी से टिकट दिया। दारा सिंह फिर से विधानसभा का चुनाव जीत गए। हालांकि ज्यादा दिनों तक उनका मन नहीं लगा और उन्होंने सपा से इस्तीफा दे दिया। इस वजह से उनको विधायकी भी छोड़नी पड़ी। वो वापस बीजेपी में आए और उपचुनाव लड़ा, लेकिन इस बार जनता ने उनका साथ नहीं दिया।












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