Ghoshi By Election: घोसी विधानसभा सीट के नतीजे तय करेंगे BJP में राजभर-दारा चौहान का क़द
Ghoshi Vidhansabha By Election में राजभर-दारा की परीक्षा होगी। बीजेपी भी उनको इनाम देने से पहले उनकी ताकत का अंदाजा लगाना चाहती है।
Dara Singh Chauhan and OM Prakash Rajbhar: उत्तर प्रदेश में एक साल पहले ही विधानसभा के चुनाव सम्पन्न हुए थे। उस समय के राजनीतिक समीकरण और अब के सियासी हालात में काफी अंतर आ गया है। घोषी विधानसभा सीट पर पांच सितम्बर को उपचुनाव होगा। इसको लेकर बीजेपी में टिकटों की मारामारी मची है लेकिन ये चुनाव एसबीएसपी के चीफ ओम प्रकाश राजभर और दारा सिंह चौहान के बीजेपी में सियासी कद का फैसला भी करेगा।

विधानसभा चुनाव में अखिलेश के साथ थे ये दोनों नेता
पूर्वांचल के दो दिग्गज ओम प्रकाश राजभर और दारा सिंह चौहान जो विधानसभा चुनाव के समय अखिलेश यादव के साथ अब वो बीजेपी के खेमे में हैं। इनमें से दारा सिंह चौहान ने अपनी सीट से इस्तीफा दे दिया था। अब इस सीट पर पांच सितंबर को चुनाव होना है। घोषी सीट पर राजभर समुदाय और नोनिया समुदाय की काफी अच्छी संख्या मानी जाती है। इस सीट पर सपा ने जीत हासिल की थी लेकिन बदली हुई परिस्थितियों में अब बीजेपी का पलड़ा यहां भारी दिख रहा है।
उपचुनाव में इन दोनों नेताओं की होगी अग्निपरीक्षा
बीजेपी के सूत्र बताते हैं कि घोषी सीट पर होने वाला उपचुनाव राजभर और दारा सिंह चौहान के लिए अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा। इस चुनाव में यदि बीजेपी की हार हुई तो इन दोनों नेताओं का कद पहले की तरह नहीं रह जाएगा। बीजेपी अब इस सीट पर इन दोनों नेताओं को साधने की तैयारी में जुटी है। हालांकि सूत्रों की माने तो सपा का साथ छोड़कर बीजेपी के साथ आए ये दोनों नेता मंत्रिमंडल विस्तार पर अपनी नजरें गड़ाए हुए हैं।
घोषी उपचुनाव में दारा-राजभर को परखने की तैयारी
बीजेपी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी कहते हैं कि घोषी विधानसभा सीट पर कौन उम्मीदवार होगा यह जल्द ही तय कर लिया जाएगा। इस सीट पर चुनाव जिताने की जिम्मेदारी दारा सिंह चौहान और ओम प्रकाश राजभर को ही सौंपी जाएगी। इसी बहाने पार्टी यह देखना चाहती है कि अपने समाज में पैठ होने का दावा करने वाले इन नेताओं में कितना दम है। हांलाकि बीजेपी अपनी तरफ से पूरी ताकत लगाएगी और इनपर ही निर्भर नहीं रहेगी।
घोषी विधानसभा सीट पर पांच सितंबर को होना है मतदान
इधर, चुनाव आयोग ने उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इसके मुताबिक घोसी सीट पर उपचुनाव के लिए 17 अगस्त तक नामांकन भरा जाएगा। 21 अगस्त तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 8 सितम्बर मतगणना की तिथि घोषित की गई है। पहली वाली योगी सरकार में दारा सिंह कैबिनेट मंत्री थे। उनके पास वन और पर्यावरण विभाग की जिम्मेदारी थी। 2022 के विधानसभा चुनाव में दारा सिंह बीजेपी से नाता तोड़ सपा में शामिल हो गए थे। हालांकि सपा में जाने के बाद भी उन्होंने जीत दर्ज की और विधायक बने थे।
दारा सिंह चौहान के इस्तीफ से खाली हुई है यह सीट
बीजेपी के टिकट पर मऊ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। दारा सिंह चौहान ने विधायकी से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की थी। दारा सिंह मऊ जिले के घोसी से सपा विधायक थे। हालांकि अंदरखाने खबरें ये आ रही हैं कि योगी आदित्यनाथ भी इन दोनों नेताओं के दमखम का इम्तिहान लेना चाहते हैं ताकि लोकसभा चुनाव से पहले इनकी ताकत का अंदाजा लगाया जा सके।












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