Ghaziabad Triple Sisters Case: क्या है तीनों बहनों का ‘देवू’ चैट कनेक्शन! जांच में कई दिल दहलाने वाले खुलासे
Ghaziabad Triple Sisters Case: गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में तीन नाबालिग बहनों की सामूहिक आत्महत्या का मामला देशभर में गहरे सदमे और चिंता का विषय बना हुआ है। जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ रही है, इस दर्दनाक घटना से जुड़े ऐसे-ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं, जो रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं।
शुरुआती तौर पर जिस मामले को सिर्फ 'कोरियन संस्कृति' के प्रति जुनून से जोड़कर देखा जा रहा था, अब पुलिस जांच और पिता के बयानों से साफ हो रहा है कि यह त्रासदी कई वजहों का नतीजा हो सकती है-जिसमें पारिवारिक कलह, आर्थिक संकट और बच्चों पर बढ़ता मानसिक दबाव शामिल है।

Ghaziabad Sisters Death Mystery: 'कोरियन जुनून' बना घर में तनाव की वजह
मृतक बच्चियों के पिता चेतन कुमार, जो पेशे से स्टॉक ट्रेडर हैं, ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया है कि घर में 'कोरियन कल्चर' को लेकर अक्सर झगड़े होते थे। बेटियां कोरियन म्यूजिक, के-पॉप, ड्रामा, फिल्में और कार्टून की इस कदर आदी हो चुकी थीं कि वे चाहती थीं पूरा परिवार भी उसी संस्कृति को अपनाए। माता-पिता के मना करने पर लड़कियां धीरे-धीरे खुद में सिमटने लगीं और घर का माहौल लगातार तनावपूर्ण होता चला गया।
मोबाइल छीनने के बाद बढ़ा मानसिक दबाव
पुलिस ने बताया कि चेतन कुमार भारी कर्ज में डूबे हुए थे। आर्थिक तंगी के चलते करीब 15 दिन पहले अपनी बड़ी बेटी का मोबाइल फोन छीनकर बेच दिया था। पिता का कहना है कि मोबाइल की वजह से लड़कियों की पढ़ाई और व्यवहार पर बुरा असर पड़ रहा था।
हालांकि पुलिस का मानना है कि मोबाइल फोन छीने जाने की यह घटना तीनों बहनों के लिए बड़ा मानसिक झटका साबित हो सकती है। कोरियन कंटेंट और अपनी डिजिटल दुनिया से कटने के बाद लड़कियों का व्यवहार और ज्यादा बदल गया था।
DCP निमिष पाटिल के अनुसार, घटना के दिन सबसे पहले बड़ी बेटी ने छलांग लगाई, जिसके बाद बाकी दो बहनों ने भी मौत को गले लगा लिया। पुलिस को घर के पूजा घर से एक पॉकेट डायरी और लड़कियों की मां का मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
माना जा रहा है कि डायरी में लिखा गया मैसेज घटना से एक-दो दिन पहले हुई किसी तीखी बहस के बाद लिखा गया था। डायरी को इस केस की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है, क्योंकि इसमें बहनों की मानसिक स्थिति और उनके फैसले के पीछे की सोच छिपी हो सकती है।
डायरी में बार-बार 'देवू' का जिक्र
पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। बहनों की डायरी और नोट्स में उनकी चार साल की छोटी बहन 'देवू' का बार-बार जिक्र मिला है। पुलिस के मुताबिक, तीनों लड़कियां 'देवू' को भी अपने 'K-वर्ल्ड' यानी कोरियन दुनिया का हिस्सा बनाने की कोशिश कर रही थीं।
जब माता-पिता ने इसका विरोध किया और परिवार की एक बहन का रुझान बॉलीवुड की तरफ बढ़ने लगा, तो यह बात तीनों के लिए असहनीय हो गई। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह भावनात्मक टकराव भी उनके फैसले को प्रभावित करने वाला एक बड़ा कारण हो सकता है।
हर एंगल से हो रही जांच, कई सवाल अब भी बाकी
पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ कोरियन संस्कृति के प्रति सनक तक सीमित नहीं है। आर्थिक तंगी, पारिवारिक कलह, संवाद की कमी और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। डायरी, मोबाइल डेटा और परिवार के सदस्यों के बयानों के आधार पर पुलिस हर एंगल से सच तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
गाजियाबाद की यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है-कि बच्चों की डिजिटल दुनिया, उनकी रुचियों और मानसिक स्थिति को समय रहते समझना और उनसे खुलकर संवाद बनाए रखना कितना जरूरी है, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।












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