Ajay Bhati UP Police की गिरफ्त में, जानिए गाजियाबाद में कैसे दरिंदा बना बाप, चार साल की बेटी के साथ हैवानियत!
अजय भाटी पर सोशल मीडिया यूजर्स जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अजय भाटी को अपनी बेटी की हत्या के आरोप में अरेस्ट किया है। जानिए, ऐसा क्या हुआ कि कलयुगी बाप ने चार साल की बेटी को ही मौत की नींद सुला दिया।

Ajay Bhati UP Police की गिरफ्त में है। एक बेटी के पिता अजय भाटी पर हत्या का आरोप है। खौफनाक हत्याकांड मामले में आरोपी बने अजय भाटी और एक अन्य शख्स को गाजियाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले से जुड़ी रिपोर्ट्स के मुताबिक अजय भाटी कलयुगी पिता है, जिसने गोद ली हुई बेटी के साथ दरिंदगी की। उसने जब अपनी बुआ के पास जाकर पिता की गंदी करतूत के बारे में बताने का प्रयास किया तो हैवान पिता ने गला दबाकर मासूम को मौत की नींद सुला दिया।
भेद खुलने के भय से पिटाई
खौफनाक हत्याकांड के बारे में आई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गाजियाबाद पुलिस ने 4 वर्ष की बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या के आरोप में अजय भाटी और नीरज को गिरफ्तार किया है। ट्विटर यूजर सदफ आफरीन (@s_afreen7) ने लिखा, 'आरोपी अजय भाटी बच्ची का रोज शारीरिक शोषण करता था! बच्ची ने जब पिता की पोल खोलने की बात कही तो भेद खुल जाने के भय से अजय भाटी ने पहले तो मासूम को बहुत पीटा।
लाश को कचरे में फेंका
बकौल सदफ, चार साल की मासूम को बुरी तरह पीटने के बावजूद दरिंदे अजय भाटी का मन नहीं भरा तो उसने अपना अपराध और चेहरा छिपाने के लिए गला दबा कर अपनी ही बेटी की हत्या कर बच्ची की लाश को कचरे में फेंक दिया। इस मामले में सियासत डॉटकॉम की रिपोर्ट में पुलिस अधिकारियों के बयान सामने आए।

11 मार्च को मर्डर से पहले टॉर्चर किया
इस रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के ट्रांस हिंडन इलाके में चार साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के आरोप में गत 13 मार्च को दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जघन्य हत्या को पंचसील कॉलोनी में अंजाम दिया गया। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विवेक चंद्र यादव के अनुसार, दो आरोपियों - अजय भाटी और नीरज - ने 11 मार्च को नाबालिग की हत्या करने से पहले उसे बार-बार प्रताड़ित किया और फिर उसके शव को पास के वन क्षेत्र में फेंक दिया।
अपराध छिपाने को सुनाई मनगढ़ंत कहानी
अपराध के विवरण का खुलासा करते हुए, डीसीपी यादव ने बताया, अजय और उसकी पत्नी ने पुलिस से संपर्क कर दावा किया कि पीड़िता उनकी दुकान पर आई थी, लेकिन घर नहीं लौटी। पीड़िता अपनी बुआ और अजय के साथ रह रही थी। दंपती के खुद के दो और बच्चे थे। जांच के दौरान, हमें विरोधाभासी बयान समेत कई खामियां मिलीं।
अजय के घर में फर्श पर खून के धब्बे मिले
डीसीपी यादव के अनुसार, कंप्लेन करने वालों की कहानी झूठी निकली। पीड़िता के साथ अजय ने बार-बार शारीरिक और यौन उत्पीड़न किया था। उन्होंने बताया कि जब नाबालिग ने विद्रोह किया और उसे बेनकाब करने की धमकी दी, तो अजय ने अपने दोस्त नीरज के साथ बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या की योजना बनाई। हत्या के दिन, अजय ने अपनी पत्नी और बच्चों को पीड़िता को अकेला छोड़कर दुकान जाने के लिए कहा। उसने नीरज के साथ मिलकर दुष्कर्म किया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। उन्होंने उसी रात डेड बॉडी को भी ठिकाने लगा दिया। सियासत डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस अधिकारी को जांच के दौरान अजय के घर में फर्श पर खून के धब्बे मिले। सख्ती से पूछताछ करने पर अजय ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
Recommended Video
POCSO अधिनियम के तहत केस, जल्द मिलेगी सजा
अजय और नीरज ने पीड़िता के मर्डर के बाद बॉडी को बोरी में पैक कर घर के पास ही जंगली क्षेत्र में फेंक दिया। लाश ठिकाने लगाने के बाद उसने बच्ची के गायब होने की मनगढ़ंत कहानी बनाई। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। इसमें नीरज को एक बैग के साथ जंगल की तरफ जाते देखा गया। इसी आधार पर दोनों आरोपियों को अरेस्ट कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) 201 (गलत सूचना देना), 376 (बलात्कार) के साथ-साथ POCSO अधिनियम (बच्चों और यौन अपराधों का संरक्षण अधिनियम) के तहत भी आरोप लगाए हैं। जल्द ही दोनों को कोर्ट में भी पेश किया जाएगा।
पूजा वाले कमरे में 14 घंटे तक छिपाई लाश
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, गाजियाबाद में ट्रांस हिंडन के पुलिस उपायुक्त विवेक चंद्र यादव ने बताया कि नाबालिग को हत्या के आरोपी अजय भाटी की पत्नी अंजना उर्फ संजना ने गोद लिया था। अजय भाटी पर कई बार बेटी के यौन उत्पीड़न का भी आरोप है। उन्होंने बताया कि 11 मार्च को लड़की ने पिता अजय भाटी से कहा कि वह संजना को आपबीती सुनाएगी, जिससे घबराए भाटी ने मर्डर कर दिया। भास्करडॉटकॉम की रिपोर्ट के अनुसार हत्या के बाद भाटी ने डेड बॉडी को घर के पूजा वाले कमरे में 14 घंटे तक छिपा कर रखा। इसके बाद नीरज के साथ मिलकर उसकी लाश को ठिकाने लगा दिया। खबरों के मुताबिक अजय और संजना पहले से ही दो बच्चों का पिता है। वारदात के समय अजय की बीवी घर से करीब आधे किलोमीटर की दूरी पर एक मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान पर गई थी।
12 मार्च को मिली लाश, पोस्टमार्टम में दरिंदगी का पर्दाफाश
इस हत्याकांड पर नवभारतटाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, गाजियाबाद के ही थाना टीला मोड़ पुलिस को 12 मार्च को बच्ची की लाश मिली। शव का पोस्टमार्टम कराया गया। बच्ची के 4 वर्षीय होने और मासून के साथ दुष्कर्म और हत्या की बात सामने आई। जांच के लिए क्राइम ब्रांच की 4 स्पेशल टीमों का गठन किया गया। इस रिपोर्ट के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी अजय भाटी ने अपराध स्वीकार किया।
अजय भाटी 4 वर्षीय मासूम पर गंदी नजर रखता था
आरोपी के बयान के अनुसार, मृतक बच्ची के बायोलॉजिकल पिता की कुछ समय पहले मौत हुई। मां का मानसिक संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद 4 वर्षीय बच्ची को पड़ोसी अजय भाटी ने गोद ले लिया। अजय भाटी की पत्नी मृतक बच्ची के जैविक पिता को मुंह बोला भाई कहती थी, लेकिन अजय भाटी 4 वर्षीय मासूम पर गंदी नजर रखता था। गाजियाबाद पुलिस के अनुसार नीरज पर महिलाओं के साथ गलत हरकत की कंप्लेन पहले भी हो चुकी है। दो महिलाओं से छेड़छाड़ का मामला टीला मोड़ थाने में पहले से ही दर्ज हैं।
दर्दनाक है मासूम के अंत की कहानी
करीब 14 महीने पहले अपने जैविक पिता को खोने वाली बच्ची को पड़ोसी ने अपने नापाक इरादों का शिकार बनाया। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची के बायोलॉजिकल पिता की मौत 14 महीने पहले 28 जनवरी, 2022 को ही हो गई। मां मानसिक रूप से विक्षिप्त होने के बाद करीब 6 महीने पहले मासूम को अकेली छोड़कर लापता हो गई। एक और रिपोर्ट में बच्ची के जैविक पिता को शराब का आदी भी बताया गया है। मां-बाप के न रहने पर बच्ची अपने दादा के साथ रह रही थी। इसके बाद अजय भाटी ने बच्ची को गोद ले लिया। अजय भाटी की पत्नी को बच्ची बुआ कहा करती थी।












Click it and Unblock the Notifications