Ganga Expressway लिंक रोड Unnao में 7 मीटर धंसी: पहली ही बारिश में खुली पोल! 68 दिन पहले PM ने किया था उद्घाटन

Ganga Expressway Link Road Caving Incident: उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ी लिंक रोड की एक बड़ी लापरवाही सामने आ गई है। मॉनसून की पहली भारी बारिश में कानपुर-लखनऊ नेशनल हाईवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली सड़क का करीब 7 मीटर लंबा हिस्सा धंस गया। सोनिक इलाके में बशीरतगंज के पास हुई यह घटना इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में गुणवत्ता और डिजाइन की कमियों को लेकर नए सवाल खड़े कर रही है।

यह सिर्फ एक सड़क धंसने की घटना नहीं, बल्कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में मानसून से पहले तैयारी, मिट्टी संरक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण की कमी की कहानी है।

Ganga Expressway

कैसे धंसा लिंक रोड का हिस्सा?

5 जुलाई को मॉनसून की पहली बारिश के बाद सोनिक इलाके में गंगा एक्सप्रेसवे की लिंक रोड का लगभग सात मीटर लंबा हिस्सा अचानक धंस गया। नीचे की मिट्टी बह जाने के कारण सड़क का यह हिस्सा पूरी तरह से टूट गया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश शुरू होते ही सड़क किनारे की मिट्टी तेजी से बहने लगी और कुछ ही देर में सड़क का हिस्सा नीचे बैठ गया। सौभाग्य से इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन यातायात प्रभावित हुआ। मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है।

स्थानीय लोगों का गुस्सा: 'मानकों का पालन नहीं किया गया'

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सड़क निर्माण के समय ढलान सुरक्षा (Slope Protection) और मिट्टी को रोकने के पर्याप्त उपाय नहीं किए गए। उन्होंने दावा किया कि निर्माण के दौरान ही स्थिरता को लेकर चिंताएं जताई गई थीं, लेकिन ठेकेदार एजेंसी ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया।

एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया, 'बारिश का पानी आते ही मिट्टी जैसे कागज की तरह बह गई। अगर ठीक से जियो टेक्सटाइल या रिटेनिंग वॉल बनाई जाती तो यह नहीं होता।'

पत्रकारों को रोकने की कोशिश: विवाद बढ़ा

घटना के बाद जब पत्रकार क्षतिग्रस्त हिस्से की तस्वीरें लेने पहुंचे तो निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों ने उन्हें रोका। कर्मचारियों ने कहा कि एक्सप्रेसवे पर फोटोग्राफी की अनुमति नहीं है। यह घटना पारदर्शिता की कमी को उजागर करती है।

पहले भी आई थीं समस्याएं

अधिकारियों के मुताबिक, गंगा एक्सप्रेसवे चालू होने से पहले सोनिक सर्विस लेन और मुख्य कैरिजवे पर भी सड़क धंसने, मिट्टी कटाव और रेलिंग क्षतिग्रस्त होने जैसी समस्याएं सामने आई थीं। यह इंगित करता है कि पूरे प्रोजेक्ट में मिट्टी और ड्रेनेज से जुड़ी कमजोरियां रही हैं।

UPEIDA का दायित्व: कौन करेगा जांच?

सदर सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट क्षितिज द्विवेदी ने कहा कि पूरा प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) के अधिकार क्षेत्र में आता है। कोई भी जांच या आगे की कार्रवाई UPEIDA द्वारा ही की जाएगी। अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।

गंगा एक्सप्रेसवे: महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की कहानी

594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को इसका उद्घाटन किया था।

मुख्य विशेषताएं:

  • मेरठ जिले के बिजौली गांव से प्रयागराज जिले के जुदापुर डांडू गांव तक।
  • 12 जिलों से गुजरता है।
  • पश्चिमी और मध्य UP में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए बनाया गया।
  • एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे।

यह एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास, कृषि उत्पादों की बेहतर ढुलाई और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन लिंक रोड और सर्विस लेन में बार-बार आ रही समस्याएं प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रही हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में मानसून की चुनौती

भारत में हर साल मानसून बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स की कमजोरियों को उजागर करता है। उन्नाव की यह घटना दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे और अन्य कई प्रोजेक्ट्स की पुरानी घटनाओं की याद दिलाती है।

मुख्य कारण:

  • अपर्याप्त स्लोप प्रोटेक्शन और ड्रेनेज सिस्टम।
  • कमजोर मिट्टी जांच और जियो-टेक्निकल स्टडी की कमी।
  • तेजी में निर्माण के दौरान गुणवत्ता नियंत्रण की अनदेखी।
  • रखरखाव की कमी।

UPEIDA और ठेकेदार एजेंसी पर सवाल?

UPEIDA उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का प्रमुख नोडल प्राधिकरण है। गंगा एक्सप्रेसवे जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में लिंक रोड जैसी छोटी-छोटी कमियों का उभरना बड़े स्तर पर निगरानी की कमी दर्शाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के समय ही मिट्टी के कटाव को लेकर चेतावनी दी गई थी, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया।

(इनपुट - PTI)

Mumbai Mankhurd Chawl Collapse: मौत के समंदर में मुंबई? तूफानी बारिश से चॉल ढही-5 बच्चों समेत 6 की जान गई
Mumbai Mankhurd Chawl Collapse: मौत के समंदर में मुंबई? तूफानी बारिश से चॉल ढही-5 बच्चों समेत 6 की जान गई
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+