जबरिया रिटायर्ड आईपीएस अमिताभ का विवादों से रहा है पुराना नाता, कुभी मुलायम का फोन टेप कर सुर्खियों में आए थे
लखनऊ, 28 अगस्त: उत्तर प्रदेश के जबरिया रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर इन दिनों सुर्खियों में है। ऐसा नहीं है कि वह पहली बार चर्चा में आए हैं। अमिताभ की यह आदत रही है कि वह हमेशा ही सत्ता के खिलाफ चलते रहे हैं। इसकी वजह से उनके जीवन में कई ऐसे मौके आए जब वो सुर्खियां बने। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की धमकी वाला मामला हो या फिर अपने कार्यालय की लॉबी में कुर्सी डालकर बैठ जाने का मामला हो। हमेशा वो मीडिया की सुर्खियां बनते रहे। ताजा मामला बसपा के सासंद अतुल राय पर लगे रेप के कथित आरोप का है। इस मामले में पुलिस ने उन्हें पकड़कर जेल भेज दिया है। अब पुलिस यह दावा कर रही है कि अमिताभ ने अतुल राय की मदद करने के लिए माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के इशारे पर काम किया है और पीड़िता पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे।

दरअसल, आत्मदाह प्रयास मामले में 26 अगस्त को जांच समिति ने अमिताभ ठाकुर से लगभग 3.5 घंटे पूछताछ की थी। वे ठीक 11 बजे भर्ती बोर्ड कार्यालय पहुंच गए थे। जहां उनसे समिति के डॉ आर के विश्वकर्मा तथा नीरा रावत ने पूछताछ की थी। अमिताभ की पत्नी नूतन ठाकुर के मुताबिक, पूछताछ में अमिताभ ने बताया कि इस मामले की जानकारी उन्हें सबसे पहले 5 नवंबर 2020 को पीड़िता के गवाह के एक विडियो से हुई थी जिसमें वे आत्महत्या करने की बात कर रहे थे।
डीजीपी से किया था मामले का संज्ञान लेने का आरोप
नूतन के मुताबिक,''अमिताभ ने डीजीपी, यूपी को इसका संज्ञान लेने का अनुरोध किया था। इसके बाद उन्हें गवाह तथा सोनभद्र जेल में बंद एक सजायाफ्ता कैदी अंगद राय की बातचीत की कई रिकॉर्डिंग तथा सीओ की रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट में मुक़दमा लिखवाने में अंगद राय तथा गवाह की भूमिका संदिग्ध बताई गयी थी तथा पाया गया था कि अंगद राय द्वारा जेल में रहते 2 मोबाइल नंबर से कुल 13672 बार अलग-अलग लोगों से वार्ता हुई। अमिताभ ने कहा कि उन्होंने मात्र इन तथ्यों की निष्पक्ष जाँच की मांग की थी, जो गलत नहीं है। उन्होंने अपने ऊपर लगाये गए अन्य सभी आरोपों को निराधार बताया था।''
अतुल राय की मदद के लिए केस बिगाड़ने की साजिश का आरोप
जांच रिपोर्ट का दावा है कि, अमिताभ ठाकुर ने माफिया मुख्तार अंसारी के कहने पर ही रेप के आरोपी अतुल राय की मदद में केस बिगाड़ने की साजिश रची। पूरे केस के दौरान अमिताभ ठाकुर की भूमिका लगातार पीडि़ता को न्याय से वंचित रखने और आरोपी अतुल राय को बचाने की रही। माफिया मुख्तार अंसारी के इशारे पर ठाकुर ने आरोपी बसपा सांसद अतुल राय को बचाने के लिए लगातार प्रयास किए।

पीड़िता ने खुदकुशी से पहले खोले थे राज
बताया जा रहा है कि बसपा सांसद अतुल राय, माफिया मुख्तार अंसारी और अमिताभ ठाकुर की तिकड़ी से परेशान पीड़िता ने खुदकुशी के पहले एक विडियो जारी कर राज खोले थे। SIT जांच में पीड़िता के आरोप सही पाए गए हैं। जांच में अमिताभ ठाकुर और नूतन ठाकुर के मुख्तार अंसारी और अतुल राय के साथ करीबी संबंधों का भी खुलासा हुआ है। अमिताभ ठाकुर पर पहले भी माफिया मुख्तार अंसारी के लिए काम करने के आरोप लगते रहे हैं।
नया राजनीतिक दल बनाने की घोषणा की थी
अमिताभ ठाकुर ने एक नए राजनैतिक दल के गठन की घोषणा की थी। उन्होंने एक विडियो जारी करते हुए कहा था कि तमाम सहयोगियों, शुभेक्षु व जानकार लोगों द्वारा लगातार दिए गये परामर्श, राय, मंतव्य व विचार-विमर्श के बाद उन लोगों ने एक नयी राजनैतिक पार्टी का गठन करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा उन्होंने एक अन्य विडियो के माध्यम से इस राजनीतिक दल का नाम अधिकार सेना प्रस्तावित करते हुए अपने सहयोगियों से पार्टी के नाम, उद्देश्य, स्वरुप आदि के सम्बन्ध में शीघ्र सुझाव देने को कहा है। अमिताभ ने कहा था कि सहयोगियों के साथ मिलकर पार्टी गठन की कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ की जाएगी।
अमिताभ ठाकुर ने मुलायम पर लगाया था धमकी देने का आरोप
अमिताभ ठाकुर मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे है। उनका करियर काफी विवादों से घिरा रहा। वह कई जिलों में एसपी रहे। अमिताभ ठाकुर नेशनल आरटीआई फोरम के संस्थापक भी रहे हैं। उनकी पत्नी भी एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। साल 2015 में अमिताभ ठाकुर ने उस वक्त सनसनी फैला दी थी, जब पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव पर धमकी देने का आरोप लगा दिया था। वह सर्विस में रहते हुए सरकारों के खिलाफ मुखर रहे, इसी साल उन्हें जबरन रिटायर कर दिया है।












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