10 सालों से UP के मंत्रिमंडल में शामिल होने के इंतजार में झांसी, जानिए CM योगी से क्यों हैं उम्मीदें
लखनऊ, 22 मार्च: उत्तर प्रदेश में इस समय सीएम योगी आदित्यनाथ के नए मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा जोरों पर है। ऐसे में यूपी के कुछ जिले ऐसे हैं जहां पिछले एक दशक से यूपी के मंत्रिमंडल में एक भी विधायक नहीं है। बीजेपी के लिए झांसी ने पिछली बार और अबकी बार सारी सीटें जीतकर दी है लेकिन पिछली बार कोई विधायक मंत्री नहीं बन पाया। इस बार यहां के लोगों को उम्मीद है कि इस बार कोई न कोई विधायक योगी की कैबिनेट में जगह पाने में कामयाब रहेगा। राजनीतिक पंडितों की माने तो झांसी पीएम मोदी की लिस्ट में हमेशा शामिल रहा है और दो साल बाद ही आम चुनाव होने हैं ऐसे में यहां के समीकरण साधने के लिए इस बार किसी विधायक को योगी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।

राजनीति का मुख्य केंद्र होने के बाद भी नहीं बना कोई मंत्री
बुंदेलखंड की राजनीति का मुख्य केंद्र होने के बावजूद पिछले दस साल में झांसी जिले से उत्तर प्रदेश सरकार में किसी को मंत्री नहीं बनाया गया है। भारतीय जनता पार्टी 2017 से 2022 तक राज्य में सत्ता में थी, जबकि समाजवादी पार्टी 2012 से 2017 तक सत्ता में थी। इन दोनों सरकारों के कार्यकाल के दौरान, झांसी जिले के किसी भी विधायक को मंत्री बनने का मौका नहीं मिला। नई सरकार के गठन पर नजरें गड़ाए लोगों को उम्मीद है कि शायद इस बार झांसी के एक विधायक का भाग्य चमकेगा।
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मायावती की सरकार में मिला था प्रतिनिधित्व
वर्ष 2007 से 2012 के दौरान उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी की सरकार के कार्यकाल में झांसी की बबीना सीट से विधायक रतन लाल अहिरवार उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री थे। अंबेडकर को ग्रामीण विकास राज्य मंत्री बनाया गया। भगवती प्रसाद सागर झांसी जिले की ही दूसरी विधानसभा सीट मौरानीपुर से बसपा विधायक थे। उन्हें रोजगार राज्य मंत्री बनाया गया। झांसी जिले की चार सीटों में से बसपा के पास सिर्फ दो सीटें थीं, जबकि गरौठा सीट पर सपा के दीप नारायण सिंह यादव और झांसी सदर सीट से कांग्रेस के प्रदीप जैन आदित्य विधायक थे।

सपा सरकार में भी किसी नहीं मिली मंत्रिमंडल में जगह
वर्ष 2012 में राज्य में सपा की सरकार बनी और मौरानीपुर से डॉ. रश्मि आर्य और गरौठा सीट से दीप नारायण सिंह यादव सपा के टिकट पर विधायक बने। झांसी सदर सीट पर बीजेपी के रवि शर्मा और बबीना सीट पर बसपा के कृष्णपाल सिंह राजपूत ने जीत हासिल की। सपा सरकार के कार्यकाल में कई तरह के कयास लगाए गए, लेकिन पूरे कार्यकाल में कोई भी विधायक सरकार में नहीं आ सका।

2017 में बीजेपी ने जीती सभी सीटें, लेकिन सूखा कामय रहा
2017 के विधानसभा चुनाव में झांसी की चारों विधानसभा सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी। झांसी सदर से रवि शर्मा, बबीना से राजीव सिंह परीछा, गरौठा से जवाहर लाल राजपूत और मौरानीपुर से बिहारी लाल आर्य विधायक बने। पूरे कार्यकाल में झांसी के किसी विधायक को सरकार में एंट्री नहीं मिली। इस बार भी 2022 में झांसी की चारों सीटों पर बीजेपी और उसके सहयोगी अपना दल ने जीत हासिल की है। झांसी सदर से रवि शर्मा, बबीना से राजीव सिंह परीछा, गरौठा से जवाहर लाल राजपूत और मौरानीपुर से अपना दल (एस) से डॉ. रश्मी आर्य चुने गए हैं।

2024 के समीकरण सुलझाने के लिए मिल सकता है मौका
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ग्रहण कार्यक्रम से लेकर मंत्रियों की सूची तक फाइनल हो रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी 2024 के लोकसभा चुनाव में और सामाजिक समीकरणों को सुलझाने की कोशिश में झांसी के एक विधायक को मंत्री बनने का मौका मिल सकता है. अब सबकी निगाह इस बात पर है कि क्या इस बार झांसी का कोई विधायक सरकार में प्रवेश कर पाता है?












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