इस 'डेयरिंग गर्ल' के सामने दारोगा हुआ फुस्स, कहने लगा- बहन प्लीज माफ कर दो
लखनऊ। एक लड़की की बहादुरी से राजधानी लखनऊ में फर्जी दारोगा गिरफ्तार हो गया। वो वसूली कर रहा था। जानकारी के मुताबिक 35वीं वाहिनी पीएसी के दारोगा राजेंद्र कुमार शुक्ला ड्यूटी खत्म करने के बाद वर्दीधारी को साथ लेकर वसूली करने गया था। फिलहाल पीएसी के कमांडेंट ने उसे निलंबित कर दिया है और विभागीय कार्रवाई शुरु कर दी है। घटना शुक्रवार रात 8:45 बजे शहीद पथ पर हुई। लड़की का नाम प्रतीची सिंह है और वो ऑफिस के किसी काम से अपने सहकर्मी के साथ उधर गई थीं। तो आइए आपको बताते हैं कि क्या था पूरा मामला।

स्विफ्ट कार ड्राइव कर रही थीं प्रतीची
प्रतीची ने बताया कि ''मैं अपने ऑफिस मेंबर के साथ ऑफिस काम से गई थी। शुक्रवार रात 8:45 बजे कथित ट्रैफिक इंस्पेक्टर आरके शुक्ला ने स्विफ्ट कार को रोका। कार को प्रतीची सिंह ड्राइव कर रही थीं। कागज देखने की बात कहकर शुक्ला ड्राइविंग सीट पर बैठ गया और कार चलाने लगा। ''गाड़ी रोकने पर उसने मुझे ड्राइविंग सीट से उतरने को कहा। वो खुद ड्राइविंग सीट पर बैठ गया और ड्राइव करने लगा।''

ऐसी चेकिंग लाइफ में पहली बार
प्रतीची ने बताया कि ऐसी चेकिंग मैंने अपनी जिंदगी में पहली बार देखी थी। गाड़ी का कागज दिखाया जा रहा था लेकिन वो पैसे की डिमांड कर रहा था। हमने जब रुपए की बात का विरोध किया, तब वो बोला- अब तुम दोनों जेल जाओगे।'' मैंने कार से बाहर मुहं करके चिल्लाना शुरू कर दिया। इसके बाद वो फिर बोला- अब तुमको पक्का जेल भेजूंगा। तुम बहुत शोर कर रही हो, अभी महिला पुलिस बुलाता हूं। उसने कहा- तुम्हारे पास जितने रुपये हैं दे दो, बच जाओगे।'' शोर सुनकर लोग एकत्र हो गए। लोगों ने फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर को पकड़ लिया। बाद में वो बहन कहकर माफी मांगने लगा।

प्रतीची सिंह का परिचय
प्रतीची सिंह मूल रूप से बस्ती की रहने वाली हैं। वो अपने परिवार के साथ लखनऊ में रहती हैं। उन्होंने फैजाबाद विश्वविद्यालय से एमएससी पास किया है। प्रतीची 1090 वुमेन पावर लाइन की ब्रांड टीम में शामिल थीं। अखिलेश सरकार में प्रीतीची कई महिला संबंधित कार्यक्रम में ब्रांड एंबेसडर रही हैं। इसके साथ ही हॉकी (महिला) की नेशनल लेवल की खिलाड़ी रही हैं। उन्हें 1090 के आईजी वीमेन पावर लाइन नवनीत सिकेरा भी सम्मानित (डेयरिंग गर्ल) कर चुके हैं।

एसएसपी बनकर चेकिंग पर निकलता था आरके शुक्ला
पुलिस ने बताया कि आरके शुक्ला पहले भी फर्जी मामलों में पकड़ा चुका है। साल 2011 में वो फर्जी चालान छपवाकर उगाही करने और कानपुर में एसएसपी बनकर अवैध वसूली करने तक जैसे बड़े मामलों में पकड़ा चुका है। 2011 में ट्रैफिक पुलिस की फर्जी चालान रसीद का रैकेट पकड़ा गया था, इसका संचालक वही था।












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