सेना में फर्जी भर्ती, 4 महीने तक करता रहा नौकरी, पठानकोट में रहा तैनात, ऐसे खुला मामला

Fake recruitment in Indian army: बेरोजगारी के इस दौर में युवा किसी भी तरह के झांसे में बहुत आसानी से फंस जाते हैं, अगर उन्हें नौकरी का झांसा दिया जाता है। कुछ ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश से सामने आया है। दरअसल यहां एक आदमी को चार महीने बाद इस बात का यकीन हुआ कि उसके साथ फर्जीवाड़ा हुआ है। उसे लग रहा था कि वह सेना में नौकरी कर रहा है, उसे यूनिफॉर्म, आईडी तक मिल गई थी। लेकिन बाद में उसे एहसास हुआ कि उसकी नौकरी नहीं लगी है, जिसके बाद उसने पुलिस से इस फर्जीवाड़े की शिकायत दर्ज कराई।

army

16 लाख रूपए वसूला
सेना के सूत्रों की मानें तो मंगलवार को गाजियाबाद के रहने वाले मनोज कुमार ने कथित तौर पर चार महीने तक सेना में नौकरी की, उन्हें 12500 रुपए की सैलरी तक हर महीने मिल रही थी। जुलाई माह में उन्हें अप्वाइंटमेंट लेटर भी मिल गया था। लेकिन सच्चाई यह है कि मनोज कुमार की नौकरी कभी लगी ही नहीं थी। वह राहुल सिंह नाम के सेना के सिपाही की जगह कुछ समय के लिए नौकरी कर रहा था, जिसने उनसे नौकरी के नाम पर 16 लाख रुपए वसूले थे। राहुल सिंह मूल रूप से मेरठ के दौराला का रहने वाला है। लेकिन भर्ती घोटाले में मंगलवार को राहुल सिंह और उसके एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

रैकेट चला रहा था सेना का पूर्व सिपाही
मनोज कुमार को पठानकोट स्थित 272 ट्रांजिट सेंटर की सुरक्षा का जिम्मा दिया गया था। जहां से अक्सर सेना की यूनिट फॉरवर्ड पोस्ट के लिए मूव करती थीं। वहीं आरोपी राहुल सिंह खुद को सेना का बड़ा अधिकारी बताता था और वह युवा लड़कों को नौकरी हासिल करने के नाम पर धोखा देता था। राहुल सिंह के दो सहयोगी लोगों को भर्ती के नाम पर जाल में फंसाते थे, जिसमे राहुल भी शामिल था। पीड़ित मनोज कुमार को यह यकीन हो चला था कि वह सेना में भर्ती हो गया है। राहुल सिंह उसे सेना की यूनिफॉर्म में पोस्ट पर बुलाया था और उसे राइफल देता था और पहरेदारी की ड्यूटी देता था।

दो आरोपी गिरफ्तार
मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट के आधार पर मेरठ पुलिस ने राहुल सिंह और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसका नाम बिट्टू सिंह है। साथ ही दूसरे सहयोगी राजा सिंह को भी पुलिस तलाश रही है। इस मामले में मनोज कुमार ने एफआईआर दर्ज कराई है। तीनों ही आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 471, 406, 323, 506, 120बी के तहत केस दर्ज किया गया है।

सेना के कैंप तक पहुंचा मनोज कुमार
राहुल सिंह की बात करें तो उसने 2019 में सेना से मेडिकल ग्राउंड पर इस्तीफा दे दिया था। सेना के सूत्रों ने बताया कि राहुल मनोज कुमार को यकीन दिलाने के लिए उसे यूनिफॉर्म में बुलाता था। एक वीडियो भी सामने आया है जिसमे देखा जा सकता है कि मनोज कुमार यूनिफॉर्म में राइफल लेकर खड़ा है। मनोज कुमार ने बताया कि मुझे 272 ट्रांजिट कैंप मे बुलाया गया था, एक सीनियर अधिकारी मुझे लेकर कैंप के अंदर गया, जहां पर मेरी खाना बनाने की क्षमता,शारीरिक क्षमता को परखा गया। इसके बाद मुझे राहुल सिंह ने बताया कि मेरी भर्ती हो गई है और शुरुआत में मुझे कई काम करने होंगे, मुझे इंसास राइफल भी मुहैया कराई गई और कैंप में पहरेदारी के लिए तैनात किया गया।

कैसे पता चला फर्जीवाड़े का
मनोज कुमार ने बताया कि जब समय बीतता गया, मैंने दूसरे जवानों से बात की, उन्होंने मेरा अप्वाइंटमेट लेटर, आईडी कार्ड देखा तो उन्होंने कहा कि यह फर्जी है। जब मैंने राहुल सिंह से बात की तो उसने इस बात से इनकार किया। मुझसे छुटकारा पाने के लिए उसने मुझे अक्टूबर में कानपुर ट्रेनिंग अकादमी भेज दिया। वहां से मुझे घर भेज दिया गया। जब आखिरी बार मैं राहुल सिंह से मिला तो वह मुझे धमकाने लगा। कैंप में बिताए समय के बारे में मनोज कुमार ने कहा कि सेना में मेरे दोस्त मुझपर शक करने लगे और उन्होंने इसकी जानकारी मिलिट्री इंटेलिजेंस को दी, जिसके बाद मामले की जांच शुरू हुई।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+